शांति समिति की बैठक में सख्त संदेश: बिलासपुर की फिजा बिगाड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

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व्यक्तिगत विवाद को सामुदायिक तनाव का रूप देने पर रोक, आगामी त्योहारों में सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखने पर जोर

बिलासपुर। शहर में हालिया घटना के बाद कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द को लेकर प्रशासन ने शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों और वर्गों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान शहर में शांति बनाए रखने और भविष्य में विवादों को बढ़ने से रोकने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

दो लोगों का विवाद गुटों तक पहुंचने पर जताई चिंता

बैठक में चर्चा के दौरान सामने आया कि प्रारंभिक विवाद दो व्यक्तियों के बीच था, लेकिन बाद में इसके दो गुटों तक पहुंचने की स्थिति बनी। समिति के सदस्यों ने इसे गंभीरता से लेते हुए कहा कि किसी भी व्यक्तिगत विवाद को सामुदायिक या सामाजिक तनाव का कारण नहीं बनने दिया जाना चाहिए।

सदस्यों ने कहा कि किसी घटना को समय रहते नियंत्रित करना जरूरी है, ताकि वह आगे चलकर बड़े विवाद का रूप न ले। बिलासपुर की शांतिपूर्ण पहचान और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए सभी वर्गों की जिम्मेदारी तय करने पर भी जोर दिया गया।

अमन-चैन बिगाड़ने वालों पर सख्ती

बैठक में एकमत से यह बात सामने आई कि शहर की कानून-व्यवस्था और सामाजिक शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। साथ ही नागरिकों से अपील की गई कि वे अफवाहों, उकसावे और भ्रामक सूचनाओं से दूर रहें।

जन्माष्टमी और गणेश उत्सव पर विशेष सतर्कता

आगामी दिनों में जन्माष्टमी, गणेश उत्सव सहित कई पर्व आयोजित होने हैं। इसे देखते हुए त्योहारों के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने पर चर्चा हुई। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि शहरवासियों को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में त्योहार मनाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

समिति के सदस्यों ने भी लोगों से अपील की कि वे आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाएं और किसी भी विवादित स्थिति में कानून हाथ में लेने के बजाय प्रशासन को सूचना दें।

धारा 144 के पालन पर जोर

बैठक में वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लागू धारा 144 और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। सदस्यों ने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।

सामान्य जनजीवन प्रभावित न हो, इस पर भी जोर

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ शहर का सामान्य जनजीवन भी सुचारु बना रहना चाहिए। व्यापार, आवागमन और सामाजिक गतिविधियां अनावश्यक रूप से प्रभावित न हों, इसके लिए प्रशासन और नागरिकों के बीच समन्वय जरूरी बताया गया।

प्रशासन ने बैठक में मिले सुझावों को गंभीरता से लेते हुए सभी वर्गों से सहयोग की अपेक्षा की।

शांति और भाईचारा बनाए रखना सामूहिक जिम्मेदारी

शांति समिति की बैठक का मुख्य संदेश यही रहा कि व्यक्तिगत विवाद को शहर का विवाद बनने से रोका जाए। बिलासपुर की शांति, सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को बनाए रखने के लिए प्रशासन के साथ समाज के सभी वर्गों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।

रिपोर्टर: अभिषेक कुमार पाण्डेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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