50 हजार के ऋण से शुरू किया किराना कारोबार, आज परिवार की मजबूत आजीविका का बना आधार

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शासकीय योजना से मिला अवसर, मेहनत और लगन से किशोरचंद्र भोय ने संवारी अपनी राह

रायगढ़, 3 अक्टूबर 2026। शासकीय योजनाएं जब मेहनत और लगन से जुड़ती हैं, तो लोगों के जीवन में बदलाव की मजबूत नींव तैयार होती है। महापल्ली निवासी किशोरचंद्र भोय की कहानी भी इसी बदलाव की मिसाल है। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के माध्यम से योजना के तहत मिले ऋण से उन्होंने किराना व्यवसाय शुरू किया और आज यही कारोबार उनके परिवार की आजीविका का मुख्य आधार बन चुका है।

50 हजार के ऋण से शुरू किया कारोबार

किशोरचंद्र भोय ने विभागीय योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद 50 हजार रुपये का ऋण लेकर किराना व्यवसाय की शुरुआत की। शुरुआती दौर में उन्होंने अपनी दुकान घर से ही संचालित की। धीरे-धीरे कारोबार बढ़ा और ग्राहकों की संख्या में इजाफा हुआ तो उन्होंने अपनी दुकान को महापल्ली के आश्रम रोड स्थित मुख्य मार्ग पर स्थानांतरित कर दिया।

कारोबार से बच्चों की पढ़ाई और परिवार की जरूरतें हुईं पूरी

किशोरचंद्र ने केवल कारोबार का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि इसी आय से अपने परिवार की जिम्मेदारियां भी पूरी कीं। किराना दुकान से होने वाली आमदनी से उन्होंने दो पुत्रियों और एक पुत्र की पढ़ाई-लिखाई कराई। कारोबार बढ़ने के साथ सामान लाने-ले जाने की सुविधा के लिए उन्होंने पिकअप वाहन भी खरीदा।

इसी व्यवसाय से हुई आमदनी से उन्होंने अपने परिवार के लिए पक्का मकान भी बनवाया। इस तरह एक छोटे से कारोबार से शुरू हुई उनकी मेहनत धीरे-धीरे परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन गई।

योजना से मिला अवसर, मेहनत से बदली जिंदगी

किशोरचंद्र भोय बताते हैं कि शासकीय योजना के तहत मिला ऋण उनके लिए अपना काम शुरू करने का महत्वपूर्ण अवसर था। उन्होंने मिले अवसर को मेहनत और लगन के साथ आगे बढ़ाया। आज किराना व्यवसाय उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और इसी से परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी हो रही हैं।

उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर मिला। लगातार मेहनत करते हुए आज वे अपने परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर तरीके से पूरी कर पा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

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