कालपी (जालौन)। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर कालपी सीट पर समाजवादी पार्टी के भीतर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस सीट से पूर्व कैबिनेट मंत्री श्री रामपाल का नाम संभावित प्रत्याशी के रूप में प्रमुखता से चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर उनकी दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है।
तीन बार विधायक रह चुके हैं रामपाल, क्षेत्र में मजबूत पकड़
पूर्व मंत्री श्री रामपाल कालपी विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रह चुके हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और क्षेत्र में उनकी सक्रियता के चलते उन्हें सर्व समाज में प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है। समर्थकों का दावा है कि उनका जनाधार अभी भी मजबूत स्थिति में है।
डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान से बढ़ी सक्रियता
इन दिनों श्री रामपाल लगातार क्षेत्र में डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं। वे गांवों और कस्बों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं तथा समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान कराए गए विकास कार्यों को जनता के बीच रख रहे हैं।
अखिलेश यादव के बयान के बाद बढ़ी चर्चा
कुछ समय पहले कोंच में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा उनके नाम का उल्लेख किए जाने के बाद उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। इससे उनके समर्थकों में उत्साह बढ़ा है।
जनता के समर्थन का दावा
स्थानीय स्तर पर समर्थकों का कहना है कि जनता एक बार फिर श्री रामपाल को विधानसभा भेजने की इच्छा रखती है। उनके अनुसार पूर्व मंत्री द्वारा कराए गए विकास कार्य आज भी क्षेत्र में दिखाई देते हैं, जिसका लाभ उन्हें मिल रहा है।
सपा की ओर से जल्द हो सकती है घोषणा
सूत्रों के अनुसार समाजवादी पार्टी नेतृत्व द्वारा कालपी सीट पर उम्मीदवार को लेकर मंथन जारी है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही पार्टी अपने अधिकृत प्रत्याशी की घोषणा कर सकती है, जिसमें रामपाल का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल माना जा रहा है।
क्षेत्र में चुनावी माहौल गर्म
कालपी विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां लगातार तेज हो रही हैं। विभिन्न दलों के संभावित प्रत्याशी सक्रिय हैं, ऐसे में सपा खेमे से रामपाल की बढ़ती सक्रियता ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।
फिलहाल समाजवादी पार्टी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है, लेकिन पूर्व मंत्री श्री रामपाल की लगातार बढ़ती राजनीतिक सक्रियता और जनसंपर्क अभियान ने उन्हें मजबूत दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है। अब सभी की नजरें सपा की आगामी सूची पर टिकी हुई हैं।


