रायगढ़-सक्ती। सक्ती जिले में स्थित Vedanta Power Plant में बॉयलर ट्यूब फटने से हुए भीषण हादसे के बाद हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। हादसे में 16 लोगों की मौत और 34 से अधिक मजदूरों के घायल होने की सूचना के बाद मृतकों के परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और सूचना छिपाने के आरोप लगाए हैं।
परिजनों का आरोप—घंटों तक नहीं मिली कोई जानकारी
परिजनों का कहना है कि हादसे के बाद उन्हें अपने परिजनों की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। कई परिवारों को घंटों तक अलग-अलग अस्पतालों में भटकना पड़ा। उनका आरोप है कि न तो कंपनी प्रबंधन ने संपर्क किया और न ही किसी अधिकारी ने आधिकारिक सूचना दी।
कई अस्पतालों के चक्कर, फिर हुई पहचान
परिजनों ने बताया कि उन्हें अपने परिजनों की तलाश में एक से अधिक अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। अंततः जिला अस्पताल में पहुंचने के बाद ही शवों की पहचान संभव हो सकी। इस स्थिति ने परिजनों के गुस्से और आक्रोश को और बढ़ा दिया है।
प्लांट के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद Vedanta Power Plant के मुख्य द्वार पर भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग की गई है। बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग प्लांट के बाहर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और नारेबाजी कर रहे हैं।
प्रबंधन पर जानकारी छुपाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने हादसे की गंभीरता और वास्तविक स्थिति को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई। उन्हें केवल मुआवजे का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी अब तक नहीं दी गई है, जिससे लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
माहौल तनावपूर्ण, जांच पर टिकी निगाहें
फैक्ट्री परिसर के बाहर अफरा-तफरी और तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने को लेकर अब प्रशासनिक जांच पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।


