सत्ता के नशे में चूर बीजेपी नेता की शर्मनाक करतूत, ब्राह्मण समाज को दी भद्दी गाली, आक्रोशित सर्व ब्राह्मण समाज ने कोतवाली में किया हल्ला बोल, सख्त कार्रवाई की उठी जोरदार मांग!

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रायगढ़@दैनिक खबर सार :- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बेहद सनसनीखेज और सामाजिक सौहार्द को तार-तार कर देने वाला गंभीर मामला सामने आया है। सत्ता की हनक और राजनीतिक रसूख के नशे में चूर होकर किस तरह एक विशेष समुदाय का सरेआम अपमान किया जाता है, इसकी एक शर्मनाक बानगी रायगढ़ में देखने को मिली है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सदस्य गणेश अग्रवाल द्वारा सोशल मीडिया के सार्वजनिक मंच पर सर्व ब्राह्मण समाज के खिलाफ एक बेहद ही घटिया, अमर्यादित और भड़काऊ टिप्पणी की गई है। इस निंदनीय कृत्य ने पूरे ब्राह्मण समाज की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं पर गहरा कुठाराघात किया है।

एक जिम्मेदार राजनीतिक दल के सदस्य द्वारा ऐसी ओछी हरकत सामने आने के बाद रायगढ़ का सियासी और सामाजिक पारा अचानक से सातवें आसमान पर पहुंच गया है और पूरे समाज में भारी रोष और आक्रोश की लहर दौड़ गई है।

प्राप्त जानकारी और पुलिस महकमे को सौंपे गए आधिकारिक शिकायत ज्ञापन के अनुसार, यह पूरा विवाद फेसबुक पर की गई एक जहरीली और अशोभनीय टिप्पणी से शुरू हुआ है। हण्डी चौक, रायगढ़ के निवासी और सत्ताधारी दल बीजेपी से जुड़े गणेश अग्रवाल ने अपनी हदों और सामाजिक मर्यादाओं को पार करते हुए श्री परितोष शुक्ला के फेसबुक अकाउंट पर एक बेहद आपत्तिजनक कमेंट किया। गणेश अग्रवाल ने खुलेआम लिखा कि ‘ब्राह्मणों के श्राप से बैले नही मरा करते’। यह सिर्फ एक साधारण वाक्य नहीं है, बल्कि यह एक पूरी कौम को नीचा दिखाने, उनका सरेआम उपहास उड़ाने और समाज में नफरत का बीज बोने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।

ऐसी घृणित और तथ्यहीन टिप्पणी न केवल ब्राह्मण समाज का घोर अपमान है, बल्कि यह सभ्य समाज के मुंह पर एक करारा तमाचा भी है। बीजेपी जैसे बड़े दल के एक सदस्य द्वारा इस तरह की सड़क छाप भाषा का प्रयोग करना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि किस प्रकार सत्ता के अहंकार में सामाजिक संवेदनाओं को कुचला जा रहा है।

इस भारी दुस्साहस और घृणित कृत्य के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करते हुए, सर्व ब्राह्मण समाज ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। दिनांक 4 जुलाई 2026 को सर्व ब्राह्मण समाज, रायगढ़ के एक विशाल प्रतिनिधिमंडल ने एकजुट होकर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए सीधे सिटी कोतवाली का रुख किया। समाज के वरिष्ठ नागरिकों, पदाधिकारियों और युवाओं ने भारी तादाद में थाना पहुंचकर सिटी कोतवाली के थाना प्रभारी महोदय से सीधे तौर पर मुलाकात की। उन्होंने इस पूरे अपमानजनक घटनाक्रम पर अपनी गहरी आपत्ति जताते हुए पुलिस प्रशासन को एक विस्तृत और लिखित ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन के माध्यम से समाज ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि वे अपने समाज का यह सार्वजनिक अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने आरोपी और बीजेपी नेता गणेश अग्रवाल के खिलाफ साइबर कानूनों, धार्मिक भावनाएं भड़काने और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की गंभीर धाराओं के तहत तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज कर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है।

सौंपे गए ज्ञापन पर सर्व ब्राह्मण समाज के कई प्रमुख और गणमान्य सदस्यों के हस्ताक्षर मौजूद हैं, जो इस पूरे मामले की संवेदनशीलता, गंभीरता और समाज की अडिग एकजुटता का जीता-जागता प्रमाण हैं। अब गेंद पूरी तरह से रायगढ़ पुलिस और प्रशासन के पाले में है। शहरवासियों और समाज के लोगों के लिए यह देखना बेहद दिलचस्प और महत्वपूर्ण होगा कि क्या पुलिस प्रशासन निष्पक्षता दिखाते हुए सत्ता पक्ष के एक नेता पर हाथ डालने की हिम्मत जुटा पाता है या फिर राजनीतिक दबाव के चलते यह मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

सर्व ब्राह्मण समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि जल्द ही आरोपी गणेश अग्रवाल पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाती है, तो यह आक्रोश और भी उग्र रूप धारण करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी। रायगढ़ जैसे शांत और भाईचारे वाले शहर की फिजाओं में जहर घोलने वाले इस कृत्य ने यह साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया की आड़ में नफरत फैलाने वालों पर तत्काल लगाम कसना समय की सबसे बड़ी मांग है। शहर की निगाहें अब पूरी तरह से पुलिस की अगली और निर्णायक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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