बंडामुंडा। सम्बलपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से सम्बलपुरी दिवस आयोजन समिति के तत्वावधान में बंडामुंडा में उत्साहपूर्वक सम्बलपुरी दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाषा प्रेमियों, समाजसेवियों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
भाषा आंदोलन के पुरोधाओं को किया याद
इस अवसर पर सम्बलपुरी भाषा आंदोलन के पुरोधा पंडित प्रयाग दत्त जोशी से लेकर गुरु सत्यानारायण बहिदार तक के योगदान को याद करते हुए आयोजन समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
गीत, नृत्य और पारंपरिक व्यंजनों ने बांधा समां
कार्यक्रम में सम्बलपुरी लोकगीत, पारंपरिक नृत्य और स्थानीय व्यंजनों का विशेष आयोजन किया गया। मुख्य आकर्षण पारंपरिक सम्बलपुरी व्यंजन “लेथा” रहा, जिसे आयोजन समिति के सदस्य संजय बागर्ती ने तैयार किया। सम्बलपुरी गीतों की मधुर धुन पर उपस्थित लोगों ने उत्साहपूर्वक नृत्य कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
भाषा और संस्कृति के संरक्षण का आह्वान
कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष महादेव बंदाकी, सचिव मनोज कुमार कुपेरा और महिला अध्यक्ष यशोबंती बाघ ने सम्बलपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा उसके व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए समाज के सभी वर्गों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।




