गांधी जयंती पर वृद्धजनों के बीच पहुंची रेडक्रॉस की संवेदना, आशा निकेतन में बांटी खुशियां

30 बुजुर्गों को फल-मिठाई, नाश्ता, साड़ी और अंगवस्त्र भेंट कर जताया अपनापन

रायगढ़। गांधी जयंती के अवसर पर सेवा और संवेदना की पहल करते हुए रेडक्रॉस सोसायटी के पदाधिकारी आशा निकेतन वृद्धाश्रम पहुंचे। यहां रह रहे करीब 30 महिला एवं पुरुष बुजुर्गों के बीच समय बिताकर उन्हें फल, मिठाई, नाश्ता, साड़ी और अंगवस्त्र भेंट किए गए। इस दौरान बुजुर्गों के साथ बातचीत कर उन्हें अपनत्व का एहसास कराया गया।

बुजुर्गों के सम्मान को बताया सामाजिक जिम्मेदारी

रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन मुकेश शर्मा ने कहा कि वृद्ध और असहाय लोगों की सेवा सामाजिक जिम्मेदारी के साथ मानवता से जुड़ा कार्य भी है। उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर बुजुर्गों को सुविधाओं के साथ सम्मान, साथ और संवेदना की भी आवश्यकता होती है।

उन्होंने जरूरतमंद लोगों के चेहरे पर मुस्कान लाने और उनके साथ अपनत्व से समय बिताने को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम में वृद्धजनों को सम्मानपूर्वक वस्त्र और खान-पान की सामग्री प्रदान की गई।

गांधी जयंती पर सेवा का संदेश

गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया गया। रेडक्रॉस पदाधिकारियों ने वृद्धजनों के साथ समय बिताकर उनकी जरूरतों और भावनाओं को समझने का प्रयास किया।

ये रहे मौजूद

कार्यक्रम में रेडक्रॉस के प्रांतीय संरक्षक संतोष अग्रवाल, पूर्व सीएमओ एवं प्रभारी अधिकारी रेडक्रॉस डॉ. एच.एस. उरांव, पुसौर स्वास्थ्य केंद्र से डॉ. शरद पंडा सपत्नीक, रेडक्रॉस कार्यालय से आर.के. दुबे, राजेश प्रधान और शेखर साहू सहित आशा निकेतन वृद्धाश्रम के मैनेजर संतोष पटनायक उपस्थित रहे।

रेडक्रॉस परिवार की ओर से वृद्धजनों के बीच पहुंचकर सामग्री वितरण करने और उनके साथ समय बिताने की पहल की गई। कार्यक्रम ने गांधी जयंती को सेवा, सम्मान और मानवीय संवेदना से जोड़ने का संदेश दिया।

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