अब बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से ही मिलेगा राशन, ओटीपी से वितरण पर सख्ती

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छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार जिले की 492 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में से 488 ऑनलाइन दुकानों में राशन सामग्री का वितरण अब अनिवार्य रूप से ई-पॉस मशीन पर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जाएगा। शासन ने वन नेशन वन राशनकार्ड योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधार प्रमाणीकरण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं।|

जिला खाद्य अधिकारी श्री बी.के. कोर्राम ने बताया कि ई-पॉस वितरण डेटा के विश्लेषण में यह पाया गया कि कई दुकानों में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के बजाय ओटीपी के माध्यम से राशन वितरण किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए सभी उचित मूल्य दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ई-केवाईसी पूर्ण होने पर राशनकार्ड के मुखिया अथवा पंजीकृत सदस्य के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही राशन वितरित किया जाए। जिन राशनकार्डों में नॉमिनी नियुक्त हैं, वहां भी नॉमिनी के आधार प्रमाणीकरण के बाद ही सामग्री का वितरण किया जाएगा।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण केवल विशेष परिस्थितियों में ही अनुमन्य होगा। 

इसमें ऐसे राशनकार्ड शामिल हैं जिनके सभी सदस्य 60 वर्ष से अधिक या 10 वर्ष से कम आयु के हों, एकल निराश्रित राशनकार्ड धारक हों अथवा निःशक्तजन राशनकार्ड धारक हों जिनमें कोई नॉमिनी नियुक्त न हो। इन मामलों में भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का प्रयास विफल होने के बाद ही पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि आधार प्रमाणीकरण को नजरअंदाज कर सीधे ओटीपी के माध्यम से वितरण करने वाले दुकान संचालकों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही किसी हितग्राही के आधार प्रमाणीकरण में तकनीकी समस्या आने पर तत्काल खाद्य निरीक्षक एवं तकनीकी टीम को सूचना देकर समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य विभाग ने जिले के सभी राशनकार्ड धारियों से अपील की है कि वे उचित मूल्य दुकान पर राशन लेने जाते समय आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण अवश्य कराएं तथा व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने में सहयोग प्रदान करें।

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