जन्माष्टमी पर रामचंद्र शर्मा की अनूठी पहल, एक कप चाय के साथ पर्यावरण बचाने का संकल्प

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राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर अभियान को मिला व्यापक समर्थन, एक दिन में 3000 से अधिक लोगों ने किए हस्ताक्षर

रायगढ़। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर नव निर्माण संकल्प समिति ने धार्मिक आस्था को सामाजिक सरोकार और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए अनूठी पहल की। गांधी प्रतिमा के पास समिति की ओर से नि:शुल्क चाय सेवा के साथ पर्यावरण संरक्षण को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। शिक्षाविद एवं समाजसेवी रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान को शहरवासियों और श्रद्धालुओं का उत्स्फूर्त समर्थन मिला। समिति के अनुसार, एक ही दिन में 3000 से अधिक लोगों ने राष्ट्रपति के नाम चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर अपना समर्थन दर्ज कराया।

चाय की एक प्याली के साथ पर्यावरण बचाने का संदेश

आयोजन स्थल पर दिनभर श्रद्धालुओं, राहगीरों, युवाओं और शहरवासियों की आवाजाही बनी रही। समिति के सदस्यों ने लोगों को नि:शुल्क चाय वितरित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता के बारे में जागरूक किया।

‘एक कप चाय के साथ पर्यावरण बचाने का संकल्प’ लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा। चाय सेवा के साथ नागरिकों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण तैयार करने की जिम्मेदारी का संदेश दिया गया।

आस्था को सामाजिक सरोकार से जोड़ने का प्रयास

नव निर्माण संकल्प समिति के अध्यक्ष रामचंद्र शर्मा ने जन्माष्टमी को केवल धार्मिक उत्सव तक सीमित न रखते हुए इसे समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी से जोड़ने का प्रयास किया। अभियान के माध्यम से नागरिकों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने और अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम से जोड़ने की अपील की गई।

राष्ट्रपति के नाम चलाए जा रहे हस्ताक्षर अभियान में युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। नागरिकों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने वाली इस पहल की सराहना भी की।

“पर्यावरण बचाना पूरे समाज की जिम्मेदारी”

शिक्षाविद एवं समाजसेवी रामचंद्र शर्मा ने कहा कि जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का पावन पर्व है और भगवान श्रीकृष्ण का जीवन प्रकृति, जीव-जंतुओं तथा समस्त सृष्टि के प्रति संवेदनशील रहने की प्रेरणा देता है। ऐसे में इस पर्व के अवसर पर पर्यावरण संरक्षण को जनअभियान से जोड़ना सेवा और संस्कार दोनों का विषय है।

उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य केवल लोगों को चाय पिलाना नहीं था, बल्कि एक कप चाय के बहाने लोगों के मन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना जगाना था। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, इसलिए प्रत्येक नागरिक को अपनी भूमिका समझने की आवश्यकता है। पर्यावरण संरक्षण किसी एक अभियान या कार्यक्रम तक सीमित न रहकर प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का संकल्प बनना चाहिए।

“एक हस्ताक्षर बन सकता है जनसंकल्प की मजबूत आवाज”

रामचंद्र शर्मा ने कहा कि हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से आम नागरिकों की आवाज को व्यापक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। एक व्यक्ति का हस्ताक्षर भले ही छोटा कदम दिखाई दे, लेकिन जब बड़ी संख्या में लोग पर्यावरण संरक्षण के लिए एकजुट होकर आवाज उठाते हैं तो वह मजबूत जनसंकल्प का रूप ले लेता है।

उन्होंने कहा कि रायगढ़ से ऐसी सकारात्मक मुहिम खड़ी करने का प्रयास है, जिसमें समाज के हर वर्ग की भागीदारी हो। उन्होंने नागरिकों से पेड़ लगाने और उन्हें बचाने, जलस्रोतों की रक्षा करने, प्लास्टिक का कम से कम उपयोग करने तथा आसपास स्वच्छता बनाए रखने की अपील की।

कई महीनों से जारी है हस्ताक्षर अभियान

नव निर्माण संकल्प समिति के सचिव दीपक मंडल ने बताया कि रामचंद्र शर्मा के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण को लेकर हस्ताक्षर अभियान पिछले कई महीनों से लगातार चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना और उन्हें इस जनसंकल्प से जोड़ना है।

उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित नि:शुल्क चाय सेवा के माध्यम से अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया, जिसे शहरवासियों का सकारात्मक समर्थन मिला।

सेवा, संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

आयोजन की सफलता पर नव निर्माण संकल्प समिति ने श्रद्धालुओं, शहरवासियों, युवाओं, सामाजिक संगठनों और सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। जन्माष्टमी के अवसर पर आयोजित इस पहल ने धार्मिक आस्था के साथ “सेवा भी, संस्कार भी और पर्यावरण संरक्षण भी” का संदेश दिया।

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