अयोध्या। Ram Mandir Ayodhya के काउंटिंग रूम से चढ़ावे की राशि चोरी मामले में जांच तेज हो गई है। विशेष जांच दल (SIT) गुरुवार दोपहर मंदिर परिसर पहुंचा और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा से बंद कमरे में करीब दो घंटे तक गहन पूछताछ की। जांच के दौरान नियुक्तियों, सुरक्षा व्यवस्था और काउंटिंग रूम प्रबंधन से जुड़े कई अहम सवाल पूछे गए।
SIT ने गोपाल राव को कमरे के बाहर रोका
पूछताछ के दौरान ट्रस्ट के आमंत्रित सदस्य और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव भी कमरे में प्रवेश करना चाहते थे, लेकिन SIT ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए उन्हें बाहर ही रोक दिया। जांच टीम ने स्पष्ट किया कि पूछताछ प्रक्रिया में अनधिकृत हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नियुक्तियों की जांच, मुख्य आरोपी पुलिस रिमांड पर
सूत्रों के मुताबिक SIT अब पिछले दिनों Champat Rai से हुई पूछताछ के बयानों का मिलान कर रही है। जांच का फोकस इस बात पर है कि चोरी मामले के नामजद आरोपी लवकुश मिश्रा और अनुकल्प मिश्रा की नियुक्ति किसकी सिफारिश पर हुई।
इस बीच मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को अदालत ने 24 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेजा है। उसके घर से ‘रामराज्य कोष’ लिखा संदूक, 20 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के गहने बरामद होने के बाद पुलिस इनके स्रोत की जांच कर रही है।
आरोपियों के घरों पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी
Ayodhya Development Authority की तकनीकी टीम ने आरोपियों के अवैध निर्माणों की पहचान कर ली है।
- लवकुश मिश्रा का मकान — शहादतगंज
- अनुकल्प मिश्रा का मकान — कौशलपुरी
प्राधिकरण के अनुसार दोनों मकान बिना स्वीकृत लेआउट और अनुमति के बनाए गए हैं। दस्तावेज प्रस्तुत न करने पर प्रशासन जल्द ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कर सकता है।
ट्रस्ट के भीतर बढ़ा विवाद
चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के भीतर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास महाराज ने गोपाल राव पर गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूरे मामले में प्रबंधन स्तर पर गंभीर चूक हुई है।
वहीं Vishwa Hindu Parishad के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि यदि SIT पिछले 5 वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक दस्तावेजों की जांच करना चाहती है तो विहिप को कोई आपत्ति नहीं है।
वकीलों का प्रदर्शन, FIR की मांग
मामले को लेकर अयोध्या में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गुरुवार सुबह 500 से अधिक वकीलों ने पुलिस चौकी पहुंचकर प्रदर्शन किया और चंपत राय, अनिल मिश्रा तथा गोपाल राव समेत चार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की।




