ऑटो चालकों और मरीजों के परिजनों से गाली-गलौज; वीडियो वायरल होने के बाद प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल..?
रायगढ़@दैनिक खबर सार :- रायगढ़ स्थित शासकीय मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों के घेरे में है। अस्पताल की सुरक्षा का जिम्मा संभालने वाले सुरक्षाकर्मियों की ‘गुंडागर्दी’ और बदतमीजी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला आज दोपहर का है, जहां मेडिकल कॉलेज में पदस्थ एक सुरक्षा गार्ड ने शराब के नशे में जमकर उत्पात मचाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने कॉलेज प्रबंधन और सुरक्षा एजेंसी की गंभीरता पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
स्थानीय सूत्रों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर के वक्त मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार के पास तैनात एक गार्ड पूरी तरह नशे में धुत था। आरोप है कि उसने बिना किसी कारण के वहां खड़े ऑटो चालकों, एम्बुलेंस ड्राइवरों और दूर-दराज से आए मरीजों के अटेंडरों (परिजनों) के साथ अभद्र व्यवहार करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते गार्ड अपनी मर्यादा भूल गया और अपशब्दों व गाली-गलौज पर उतारू हो गया।
अटेंडरों में आक्रोश, पहले भी आ चुके हैं मामले!!
अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज के गार्डों द्वारा मरीजों के परिजनों के साथ बदसलूकी और मारपीट की खबरें सामने आती रही हैं। परिजनों का आरोप है कि सुरक्षा के नाम पर तैनात ये कर्मी मदद करने के बजाय आम जनता पर धौंस जमाते हैं। आज की घटना के बाद कैंपस में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी रही।
एजेंसी और प्रबंधन पर उठ रहे सवाल..?
नशे की हालत में ड्यूटी करना न केवल सेवा शर्तों का उल्लंघन है, बल्कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ भी है। चर्चा है कि सुरक्षा एजेंसी अपने कर्मियों के आचरण पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। जागरूक नागरिकों और पीड़ित पक्ष ने मांग की है कि:
* दोषी गार्ड को तत्काल निलंबित किया जाए।
* संबंधित सुरक्षा एजेंसी पर कड़ी दंडात्मक कार्यवाही हो।
* गार्ड का मेडिकल परीक्षण कराकर शराब सेवन की पुष्टि की जाए और कानूनी मामला दर्ज हो।
“मेडिकल कॉलेज जैसे संवेदनशील संस्थान में नशेड़ी और बदतमीज स्टाफ के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। अगर प्रबंधन जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाता, तो आने वाले दिनों में यह विवाद बड़ा रूप ले सकता है।” – एक प्रत्यक्षदर्शी
फिलहाल, इस मामले में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस ‘वर्दी वाली गुंडागर्दी’ पर कब लगाम कसता है।


