रायगढ़ प्रशासन का सख्त रुख: सुरक्षा मानकों से खिलवाड़ करने वाले उद्योगों पर कसा शिकंजा, दो के खिलाफ न्यायालय में परिवाद..

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रायगढ़@दैनिक खबर सार :- जिला प्रशासन ने रायगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को ताक पर रखने वाले कारखानों के विरुद्ध आर-पार की लड़ाई छेड़ दी है। आज एक बार फिर जिला प्रशासन की सक्रियता उस समय देखने को मिली जब संयुक्त दल ने ‘इमुल टेक एक्सप्लोसिव’ (Emul Tek Explosive) और ‘रीजेनेसिस इंडस्ट्रीज’ (Regenesis Industries) के परिसरों में औचक दबिश देकर गहन जांच पड़ताल की। तहसीलदार रायगढ़, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के उप संचालक, उद्योग विभाग के सहायक संचालक और पर्यावरण विभाग के विशेषज्ञों की इस संयुक्त टीम ने कारखानों के भीतर सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्थाओं का बारीकी से निरीक्षण किया।

इस विशेष जांच अभियान का मुख्य उद्देश्य कारखानों में कार्य करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और पर्यावरणीय नियमों का कड़ाई से पालन करवाना है। जांच के दौरान संयुक्त दल ने कई खामियां पाईं, जिसके मद्देनजर प्रबंधन को तत्काल सुधारात्मक कार्य पद्धति (Corrective Action Plan) अपनाने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

प्रशासन की यह कार्रवाई महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि एक निरंतर जारी रहने वाली सख्त मुहिम है। गौरतलब है कि पूर्व में भी इन औद्योगिक इकाइयों की जांच की गई थी और गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए थे। हालांकि, प्रशासनिक चेतावनी के बावजूद व्यवस्थाओं में सुधार न करना प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाता है।

अत्यंत गंभीरता का विषय यह है कि प्रशासनिक निर्देशों को हल्के में लेने वाले कारखानों पर अब कानूनी चाबुक चलने लगा है। इसी कड़ी में, ‘शिव शक्ति स्टील प्राइवेट लिमिटेड’ और ‘श्री साईं गणेश ट्रेडिंग कंपनी’ द्वारा प्रस्तुत किए गए अनुपालन प्रतिवेदन (Compliance Report) को जिला प्रशासन ने पूरी तरह से असंतोषजनक पाया है। मानकों के उल्लंघन और प्रशासन के निर्देशों की अवहेलना को देखते हुए, इन दोनों कंपनियों के प्रबंधन के विरुद्ध माननीय श्रम न्यायालय, रायगढ़ में परिवाद दाखिल कर दिया गया है।

जिला प्रशासन के इस कड़े तेवर ने रायगढ़ के औद्योगिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई उन तमाम उद्योगों के लिए एक स्पष्ट चेतावनी है जो मुनाफा कमाने की अंधी दौड़ में श्रमिकों के जीवन और पर्यावरण की सुरक्षा को गौण समझ बैठे हैं। आने वाले दिनों में अन्य कारखानों पर भी इसी तरह की कठोर निगरानी और दंडात्मक कार्रवाई की प्रबल संभावना है, जिससे स्पष्ट है कि प्रशासन अब उद्योग जगत में अनुशासन और सुरक्षा का कड़ाई से पालन कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

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