सूरजपुर। भाजपा जिला प्रभारी एवं प्रदेश मंत्री शिव नाथ यादव ने लोकसभा में पारित लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के हित में ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा प्रश्नपत्र लीक, नकल और परीक्षा माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाने में अहम भूमिका निभाएगा।
परीक्षा प्रणाली होगी अधिक पारदर्शी
शिव नाथ यादव ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक और संगठित परीक्षा अपराध मेहनती अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करने के साथ-साथ पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करते हैं। उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक के जरिए ऐसे अपराधों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है।
परीक्षा माफिया पर होगी प्रभावी कार्रवाई
उन्होंने कहा कि नए प्रावधानों से परीक्षा माफिया और अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई संभव होगी। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी बढ़ेगी, जिससे पूरी परीक्षा प्रक्रिया अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
युवाओं को मिलेगा निष्पक्ष अवसर
शिव नाथ यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस निर्णय ले रही है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक युवा को उसकी योग्यता और मेहनत के आधार पर निष्पक्ष अवसर मिलना आवश्यक है।
उन्होंने विश्वास जताया कि लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 ईमानदार प्रतिभाओं को संरक्षण देने और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।


