खरसिया डिवीजन के खरसिया, छाल और भूपदेवपुर में स्कूलों पहुंची पुलिस टीम, दस्तावेजों और चालकों की जांच
रायगढ़, 1 सितंबर 2026। स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रायगढ़ पुलिस ने स्कूल वाहनों की जांच का अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खरसिया डिवीजन के खरसिया, छाल और भूपदेवपुर थाना क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर वाहनों और चालकों की जांच की।
आरसी, बीमा और फिटनेस की हुई जांच
एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव के मार्गदर्शन में पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से संपर्क कर बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों की जानकारी ली। इस दौरान वाहनों की आरसी, बीमा, फिटनेस सहित अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। साथ ही वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस और चरित्र सत्यापन की स्थिति भी देखी गई।
क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने पर चेतावनी
पुलिस टीम ने वाहनों की निर्धारित क्षमता और उनमें परिवहन किए जा रहे बच्चों की संख्या की भी जांच की। स्कूल प्रबंधन और वाहन चालकों को क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन नहीं चलाने तथा वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।
लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग पर होगी कार्रवाई
स्कूल वाहन चालकों को वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखने और यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। पुलिस ने स्पष्ट किया कि वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल, तेज गति, लापरवाहीपूर्ण ड्राइविंग और क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
नशे में वाहन चलाने पर सख्ती
पुलिस ने चेतावनी दी कि शराब का सेवन कर स्कूल वाहन चलाने अथवा बच्चों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित चालक के साथ-साथ नियमानुसार जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन की भी जिम्मेदारी
पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए कि बच्चों के परिवहन में लगाए गए प्रत्येक वाहन के दस्तावेज और फिटनेस की नियमित जांच कराई जाए। चालकों के लाइसेंस एवं चरित्र सत्यापन की स्थिति भी अद्यतन रखी जाए और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों में किसी प्रकार का समझौता न किया जाए।
एसएसपी ने कहा- जांच अभियान लगातार रहेगा जारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर चलाया जा रहा अभियान केवल जांच तक सीमित नहीं रहेगा। स्कूल वाहनों की जांच आगे भी लगातार जारी रखी जाएगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।




