संवाददाता: अभिषेक कुमार पाण्डेय
बिलासपुर, छत्तीसगढ़
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सरकारी शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विभाग की उपलब्धियां बताते हुए कहा कि प्रदेश में 5 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से चयन की तैयारी की जा रही है।
दो साल में 1,104 शिक्षकों की भर्ती
नवा रायपुर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्कूल शिक्षा मंत्री ने पिछले दो वर्षों में विभाग की ओर से किए गए कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस अवधि में 1,104 शिक्षकों की सीधी भर्ती की जा चुकी है। अब विभाग 5 हजार नई शिक्षक नियुक्तियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी में है।
5 हजार पदों पर भर्ती, ऑनलाइन परीक्षा से चयन
मंत्री के मुताबिक 5 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। चयन में ऑनलाइन CBT परीक्षा का इस्तेमाल किए जाने की तैयारी है। हालांकि भर्ती का विस्तृत विज्ञापन, पदवार संख्या, आवेदन तिथि और परीक्षा कार्यक्रम अलग से जारी किया जाना बाकी है।
उत्कृष्ट स्कूलों में 3,066 संविदा पद
प्रदेश के उत्कृष्ट सरकारी स्कूलों में भी संविदा नियुक्तियों की तैयारी है। स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,895 और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में 1,171 पदों पर संविदा भर्ती प्रस्तावित है। दोनों को मिलाकर कुल 3,066 पद होंगे।
453 शिक्षकविहीन स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था
सरकार के अनुसार प्रदेश के 453 ऐसे स्कूलों में शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जहां पहले एक भी शिक्षक नहीं था। इसके अलावा 4,729 स्कूलों में भी शिक्षकों की व्यवस्था की गई, जहां पहले केवल एक शिक्षक के भरोसे पूरा स्कूल संचालित हो रहा था।
शिक्षकों की उपलब्धता बेहतर करने के लिए 10,538 स्कूलों का समायोजन किया गया है। साथ ही 15,165 शिक्षकों और प्राचार्यों का समायोजन किए जाने की जानकारी दी गई।
7 हजार से अधिक पदोन्नतियां
शिक्षा विभाग में पिछले दो वर्षों के दौरान 7 हजार से अधिक पदोन्नतियां किए जाने का दावा किया गया है। इनमें 2,813 प्राचार्य और 1,798 व्याख्याता शामिल हैं।
दिव्यांग बच्चों के लिए 848 स्पेशल एजुकेटर पद
दिव्यांग विद्यार्थियों की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 848 स्पेशल एजुकेटर पदों को मंजूरी दी गई है। इनमें वर्ष 2025 में 62 पदों पर सीधी भर्ती की जा चुकी है।
स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई पर जोर
प्रदेश में 15 जुलाई 2024 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू की गई है। शुरुआती कक्षाओं के लिए स्थानीय भाषाओं में भी अध्ययन सामग्री तैयार की जा रही है। बस्तर और सरगुजा संभाग में शिक्षकों को स्थानीय भाषाओं में पढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
बस्तर संभाग में 2,700 और सरगुजा संभाग में 2,368 शिक्षकों को प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी विभाग की ओर से दी गई है। छत्तीसगढ़ी, गोंडी, हल्बी और सादरी जैसी भाषाओं में भी किताबें तैयार करने का काम जारी है।
ऑनलाइन अटेंडेंस पर भी नजर
स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक और टीके ऐप के माध्यम से ऑनलाइन अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है। विभाग के अनुसार प्रतिदिन करीब 85 प्रतिशत शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं।
45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मुफ्त किताबें
सरकार के अनुसार कक्षा 1 से 10 तक के 45 लाख 33 हजार 261 विद्यार्थियों को सत्र शुरू होने से पहले मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई गईं। वहीं सरस्वती साइकिल योजना के तहत 1 लाख 62 हजार 827 बालिकाओं को लाभ मिला है।
कक्षा 1 से 8 तक के 28 लाख 63 हजार 786 विद्यार्थियों को मुफ्त गणवेश वितरित किए जाने की जानकारी भी दी गई।
504 नए स्कूल मंजूर, 700 भवनविहीन स्कूलों को मिलेंगे भवन
स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पिछले तीन वर्षों में 504 नए स्कूलों को मंजूरी दी गई है। वर्ष 2026-27 के बजट में 700 भवनविहीन स्कूलों के लिए नए भवन निर्माण का प्रावधान किया गया है।
वर्ष 2023 से 2026 के बीच 2,583 अतिरिक्त कक्षों को मंजूरी दी गई। स्कूलों के शौचालय निर्माण और मरम्मत के लिए 52 करोड़ 39 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
150 उत्कृष्ट स्कूलों के लिए 100 करोड़ का प्रावधान
स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत वर्ष 2026-27 के बजट में 150 स्कूलों के भवन निर्माण और संचालन के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
सरकार की योजना प्रत्येक विकासखंड में कम से कम एक स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने की है।
बस्तर में 48 बंद स्कूल फिर शुरू
बस्तर संभाग में बंद हो चुके 48 स्कूलों को दोबारा शुरू किया गया है, जबकि 36 नए स्कूल भी प्रारंभ किए गए हैं। विभाग के अनुसार बस्तर संभाग के छह जिलों के 97 प्रतिशत गांवों में प्राथमिक स्कूल स्थापित किए जा चुके हैं।
AI से होगी स्कूलों की निगरानी
शिक्षा व्यवस्था की निगरानी में तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने AI आधारित विद्या समीक्षा केंद्र तैयार किया है, जिसके जरिए स्कूलों की सुविधाओं, पीएम पोषण योजना और अन्य शैक्षणिक योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी की जा रही है।
भर्ती कार्यक्रम पर युवाओं की नजर
सरकार की ओर से बताए गए आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में शिक्षक भर्ती, पदोन्नति, समायोजन, उत्कृष्ट स्कूलों में नियुक्ति और तकनीक आधारित निगरानी पर जोर दिया जा रहा है। अब 5 हजार शिक्षकों की सीधी भर्ती के विस्तृत विज्ञापन और परीक्षा कार्यक्रम का युवाओं को इंतजार है। भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद पदवार योग्यता, आवेदन तिथि और परीक्षा पैटर्न की स्थिति स्पष्ट होगी।




