अकबरपुर (कानपुर देहात)। जैनपुर चौकी में तैनात रहे चौकी इंचार्ज प्रशांत कुमार यादव को लगभग 110 दिनों बाद वहां से हटाया गया, लेकिन उन्हें नई तैनाती के रूप में रसधान चौकी का प्रभार दिए जाने से क्षेत्र में बहस तेज हो गई है। मामले को लेकर स्थानीय लोगों के बीच (पुलिस कार्रवाई), (भ्रष्टाचार) और (पारदर्शिता) को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।
शिकायतों और वायरल सामग्री से बढ़ी थी चर्चा
बीते महीनों में चौकी इंचार्ज को लेकर क्षेत्र में लगातार शिकायतें और विवाद सामने आते रहे। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और ऑडियो के कारण मामला चर्चा का विषय बना रहा। इन घटनाओं के बाद उनके जैनपुर चौकी से हटने को लोग कार्रवाई के रूप में देख रहे थे।
जनता पूछ रही—जांच का नतीजा क्या?
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि किसी अधिकारी के खिलाफ लंबे समय तक शिकायतें आती रहीं, तो जांच के परिणाम सार्वजनिक किए जाने चाहिए थे। लोगों का सवाल है कि केवल स्थानांतरण कर देना पर्याप्त कार्रवाई कैसे माना जा सकता है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि आरोप निराधार थे तो प्रशासन को स्पष्ट रूप से सफाई देनी चाहिए थी, और यदि शिकायतों में तथ्य पाए गए तो विभागीय कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।
नई तैनाती पर भी उठे सवाल
रसधान चौकी की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि क्या एक चौकी से दूसरी चौकी भेज देना ही समाधान है। कई नागरिकों का मानना है कि इससे पारदर्शिता को लेकर संदेह और बढ़ता है।
आधिकारिक बयान का इंतजार
फिलहाल पुलिस विभाग की ओर से पूरे मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।




