गंदगी में डूबे ऐतिहासिक कुएं, सुंदरीकरण योजना पर उठे सवाल

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राठौरनपुरा गांव में उपेक्षा का शिकार बने प्राचीन कुएं, ग्रामीणों ने की सुंदरीकरण की मांग

माधौगढ़ (जालौन) माधौगढ़ तहसील क्षेत्र के राठौरनपुरा गांव में स्थित प्राचीन कुएं आज बदहाली और गंदगी की मार झेल रहे हैं। वर्षों पुराने इन कुओं की हालत लगातार खराब होती जा रही है, लेकिन ग्राम पंचायत की ओर से इनके संरक्षण और सुंदरीकरण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। कुओं के आसपास झाड़ियां उग आई हैं, टूट-फूट साफ दिखाई दे रही है और कई स्थानों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गांवों में सौंदर्यीकरण और धरोहर संरक्षण के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन राठौरनपुरा के इन ऐतिहासिक कुओं को अब तक किसी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। पंचायत स्तर पर भी इनकी साफ-सफाई और मरम्मत की ओर ध्यान नहीं दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार ये कुएं गांव की पहचान और सांस्कृतिक विरासत हैं। यदि समय रहते इनका जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण नहीं कराया गया तो यह धरोहर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो सकती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान द्वारा विकास कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन इन ऐतिहासिक धरोहरों की अनदेखी की जा रही है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खंड विकास अधिकारी एवं संबंधित विभागों से मांग की है कि कुओं की साफ-सफाई कराकर उनका सुंदरीकरण कराया जाए, ताकि गांव की ऐतिहासिक
पहचान सुरक्षित रह सके और आने वाली पीढ़ियां भी इस विरासत को देख सकें।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत और प्रशासन पहल करें तो मनरेगा तथा ग्राम पंचायत विकास योजनाओं के माध्यम से इन कुओं का सौंदर्यीकरण और संरक्षण कराया जा सकता है।

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