ऑपरेशन आघात का फिर बड़ा वार—36 किलो गांजा के साथ तस्कर गिरोह धरा गया, उड़ीसा से रायगढ़ तक फैला नेटवर्क बेनकाब

By
Advertisement
Advertisement

रायगढ़ पुलिस का नशे के कारोबार पर लगातार प्रहार, “ऑपरेशन आघात” में दूसरी बड़ी सफलता

रायगढ़ जिले में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना साइबर और चक्रधरनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उड़ीसा से गांजा तस्करी कर लाए जा रहे तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


बंगुरसिया ढाबा के पास नाकेबंदी में पकड़ी गई संदिग्ध कार, प्लास्टिक बोरियों में छिपा था गांजा

सूचना के आधार पर पुलिस ने ग्राम बंगुरसिया ढाबा के पास मुख्य मार्ग पर सघन नाकेबंदी की। इस दौरान संदिग्ध सफेद कार (CG 13 AZ 4603) को रोका गया। जांच में कार से दो प्लास्टिक बोरियों में छिपाकर रखा गया 36 किलो 170 ग्राम गांजा बरामद हुआ।


तीनों आरोपी गिरफ्तार, उड़ीसा से लाकर रायगढ़ में करते थे सप्लाई और अवैध कारोबार

गिरफ्तार आरोपियों में डोल नारायण साहू, नीलकमल साव और आशीष कुमार सिंह शामिल हैं। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह उड़ीसा से गांजा लाकर रायगढ़ क्षेत्र में सप्लाई करता था और बिक्री से प्राप्त रकम को आपस में बांटता था।


करीब 15.60 लाख की संपत्ति जब्त, कार और मोबाइल भी पुलिस ने किया सील

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से गांजा, तस्करी में प्रयुक्त कार और मोबाइल फोन सहित कुल लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है। मामले में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर तीनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।


संगठित तस्करी नेटवर्क पर पुलिस की पैनी नजर, जांच जारी

पुलिस का मानना है कि यह मामला किसी बड़े संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इस दिशा में आगे की जांच जारी है और अन्य जुड़े लोगों की तलाश की जा रही है।


एसएसपी का सख्त संदेश—नशे के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट कहा है कि नशे के अवैध कारोबार पर रायगढ़ पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। ऐसे संगठित अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

 

Advertisement
Share This Article