जमीन विवाद में भतीजे की तीर मारकर हत्या, आरोपी बड़े पिता को उम्रकैद की सजा

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घरघोड़ा | जमीन विवाद की रंजिश में बड़े पिता ने की थी भतीजे की हत्या

जमीन विवाद में अपने ही छोटे भाई के बेटे की तीर-धनुष से हत्या करने वाले आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अपर सत्र न्यायाधीश Abhishek Sharma की अदालत ने आरोपी कंवर सिंह राठिया को हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद और अर्थदंड से दंडित किया है।

मामले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने बताया कि थाना घरघोड़ा के अपराध क्रमांक 254/2020 के तहत ग्राम कया निवासी पूरन सिंह राठिया की हत्या उसके बड़े पिता कंवर सिंह राठिया ने की थी। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से जमीन को लेकर विवाद चल रहा था।

खेत से लौटते समय जंगल में घात लगाकर किया गया हमला

घटना 28 अक्टूबर 2020 की दोपहर करीब 3 बजे की है। मृतक पूरन सिंह राठिया अपने बड़े भाई राम प्रसाद राठिया, संतोष राठिया और ओम राठिया के साथ खेत से धान का बंडल ट्रैक्टर-ट्रॉली में लोड कर गांव लौट रहा था।

ट्रॉली में पूरन सिंह और संतोष राठिया बैठे हुए थे। इसी दौरान मांझी डोंगरी जंगल के पास घात लगाकर बैठे आरोपी कंवर सिंह राठिया ने अचानक तीर-धनुष से हमला कर दिया।

गर्दन, भुजा और छाती पर तीर लगने से मौके पर हुई मौत

आरोपी ने पूरन सिंह राठिया के गर्दन, भुजा और छाती पर तीर चलाए। हमला इतना घातक था कि पूरन सिंह ट्रॉली में ही गिर पड़ा और मौके पर उसकी मौत हो गई।

घटना के बाद साथ में मौजूद लोग डरकर गांव की ओर भागे और ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। बाद में थाना घरघोड़ा में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

जांच में जुटाए गए अहम साक्ष्य, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

तत्कालीन विवेचना अधिकारी जितेंद्र कुमार एसैया ने मामले की जांच करते हुए महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी के खिलाफ धारा 302 के तहत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सभी गवाहों के बयान और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आरोपी कंवर सिंह राठिया को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

मृतक परिवार को एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने की अनुशंसा

न्यायालय ने मृतक के आश्रितों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ के माध्यम से एक लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि दिए जाने की भी अनुशंसा की है।

मामले की पैरवी शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजेश सिंह ठाकुर ने की।

 

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