मुरादाबाद: ‘उपज’ अधिवेशन में गूंजी पत्रकारों की मांग — सुरक्षा, सम्मान और संसाधन चाहिए

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मुरादाबाद : मुरादाबाद में शनिवार को उत्तर प्रदेश एसोसिएशन ऑफ जर्नलिस्ट के प्रादेशिक अधिवेशन में प्रदेश भर से जुटे पत्रकारों ने एक स्वर में अपनी जरूरतें और मांगें सरकार के सामने रखीं। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार की मौजूदगी में संगठन के प्रदेश सचिव जयंत कुमार मिश्रा ने कहा कि पत्रकारिता आज सबसे कठिन दौर से गुजर रही है और ऐसे में पत्रकारों को सुरक्षा, सम्मान और संसाधन तीनों की दरकार है।



अधिवेशन में पत्रकारों ने मांग रखी कि जिले स्तर पर पत्रकार सुरक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाए जिसमें जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और ‘उपज’ के प्रतिनिधि शामिल हों, ताकि फील्ड में काम करने वाले पत्रकारों पर हमले की घटनाओं में तुरंत कार्रवाई हो सके। ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के पत्रकारों ने कैशलेस इलाज की सुविधा और पेंशन योजना का दायरा बढ़ाने की जरूरत बताई। उनका कहना था कि छोटी आमदनी में जोखिम लेकर खबर लाने वाले पत्रकार के परिवार के पास बीमारी या हादसे की स्थिति में कोई सहारा नहीं होता।



संगठन ने सोशल मीडिया पर पत्रकारों को निशाना बनाकर की जाने वाली ट्रोलिंग को साइबर अपराध की श्रेणी में लाने और इसके लिए स्पष्ट गाइडलाइन जारी करने की मांग उठाई। साथ ही छोटे और मझोले अखबारों को सरकारी विज्ञापन में पारदर्शी हिस्सेदारी देने की नीति बनाने पर जोर दिया गया, ताकि संसाधन के अभाव में पत्रकारिता दम न तोड़े।


महिला पत्रकारों ने कार्यस्थल पर सुरक्षा ऑडिट को अनिवार्य करने और हर जिला सूचना कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने की मांग रखी। अधिवेशन में यह बात भी प्रमुखता से उठी कि नए पत्रकारों को डिजिटल टूल्स, फैक्ट चेकिंग और कानूनी पहलुओं की नियमित ट्रेनिंग दी जाए, जिससे विश्वसनीय खबरों की जमीन मजबूत हो।

पत्रकारों ने एकमत से कहा कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ तभी मजबूत रहेगा जब कलम चलाने वाले का हाथ सुरक्षित होगा और उसकी आजीविका सम्मानजनक होगी।

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