बलरामपुर। तातापानी–रामकोला कोलफील्ड में लगातार बारिश के कारण कोलफील्ड का हिस्सा धंसने और करीब 40 श्रमिकों के फंसने की काल्पनिक स्थिति तैयार कर मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसका उद्देश्य किसी वास्तविक आपदा की स्थिति में बचाव और राहत कार्यों की तैयारियों को परखना था।
SDRF/NDRF समेत कई विभागों ने संभाला मोर्चा
मॉक ड्रिल के दौरान SDRF/NDRF, पुलिस, अग्निशमन, स्वास्थ्य और खनन विभाग सहित विभिन्न रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाला। टीमों ने काल्पनिक रूप से फंसे श्रमिकों की तलाश और सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बचाव अभियान चलाया।
घायलों को अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी परखी
अभ्यास के दौरान घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद फील्ड हॉस्पिटल और रिलीफ कैंप तक पहुंचाने की प्रक्रिया का भी परीक्षण किया गया। इससे आपदा के दौरान चिकित्सा सुविधा और राहत व्यवस्था की तैयारियों को परखा गया।
विभागों के बीच समन्वय की हुई समीक्षा
मॉक ड्रिल में विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय, त्वरित रेस्क्यू और आपदा के दौरान राहत-बचाव व्यवस्था की कार्यक्षमता का परीक्षण किया गया। अधिकारियों और रेस्क्यू टीमों ने निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बचाव अभियान चलाने का अभ्यास किया।
वास्तविक आपदा के लिए तैयारियों को परखने की कवायद
प्रशासन ने मॉक ड्रिल को वास्तविक आपदा की स्थिति में तैयारियों को परखने की महत्वपूर्ण कवायद बताया। साथ ही अभियान में शामिल सभी विभागों और रेस्क्यू टीमों के समन्वित प्रयासों के लिए आभार जताया।


