शराब दुकान के सेल्समैन के जरिए भेजी जा रही थी नकदी, स्कॉर्पियो से रकम बरामद; कार्यालय और आवास पर तलाशी
राउरकेला। ओडिशा विजिलेंस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए राउरकेला के आबकारी अधीक्षक धनेश्वर बराड को कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने कार्रवाई के दौरान 5 लाख रुपये की नकदी बरामद की। यह कार्रवाई 11 सितंबर 2026 को की गई।
गुप्त सूचना के बाद निगरानी
विजिलेंस को कथित तौर पर सूचना मिली थी कि आबकारी अधीक्षक द्वारा आबकारी लाइसेंसधारियों से अवैध रूप से नकदी वसूली जा रही है। सूचना के आधार पर जांच एजेंसी ने मामले पर निगरानी शुरू की और संदिग्ध लेन-देन पर नजर रखी।
स्कॉर्पियो से भेजी जा रही थी 5 लाख की रकम
विजिलेंस के अनुसार, 11 सितंबर को एक स्थानीय अंग्रेजी शराब दुकान के सेल्समैन के माध्यम से स्कॉर्पियो वाहन क्रमांक OD-14AD-1314 में 5 लाख रुपये की नकदी भेजी जा रही थी।
राउरकेला के उदितनगर स्थित आबकारी अधीक्षक कार्यालय के सामने विजिलेंस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में वाहन को रोका। तलाशी के दौरान वाहन से 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
सेल्समैन से पूछताछ में सामने आई जानकारी
विजिलेंस की पूछताछ में सेल्समैन ने कथित तौर पर बताया कि बरामद रकम उसे आबकारी अधीक्षक द्वारा पहुंचाने के लिए दी गई थी। इसके बाद अधिकारी और सेल्समैन का आमना-सामना कराया गया। जांच एजेंसी के मुताबिक, अधिकारी ने भी रकम दिए जाने की बात स्वीकार की, लेकिन इतनी बड़ी नकद राशि के संबंध में संतोषजनक दस्तावेज या स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद विजिलेंस ने पूरी नकदी को जब्त कर लिया।
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत केस दर्ज
मामले में राउरकेला विजिलेंस थाने में केस नंबर 12, दिनांक 11 सितंबर 2026 दर्ज किया गया है। प्रकरण Prevention of Corruption (Amendment) Act, 2018 की धारा 13(2) के साथ धारा 13(1)(b) के तहत दर्ज किए जाने की जानकारी दी गई है।
कार्यालय और आवास पर तलाशी
विजिलेंस ने मामले में भ्रष्टाचार के साथ-साथ आय से अधिक संपत्ति (Disproportionate Assets) के पहलू की भी जांच शुरू की है। इसी क्रम में आरोपी अधिकारी के कार्यालय और आवास पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
जांच जारी
विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मामले की जांच तेज कर दी गई है। बरामद नकदी, कथित लेन-देन और अधिकारी से जुड़े अन्य वित्तीय पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।


