नारायणपुर। पुलिस, डीआरजी और केंद्रीय सुरक्षा बलों की संयुक्त कार्रवाई में नक्सल नेटवर्क को बड़ा झटका
“माड़ बचाओ अभियान” के तहत नारायणपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस, डीआरजी, एसटीएफ, आईटीबीपी एवं बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में कैश, हथियार, गोला-बारूद, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद की गई हैं। संयुक्त अभियान में ₹1.01 करोड़ से अधिक नकदी के साथ विभिन्न 28 प्रकार की नक्सल संबंधित सामग्रियां जब्त की गई हैं।

ग्रामीणों के सहयोग और मजबूत आसूचना तंत्र से मिली निर्णायक सफलता
पुलिस अधीक्षक नारायणपुर रोबिनसन गुड़िया ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ शासन की मंशानुसार 31 मार्च 2026 तक राज्य को नक्सल मुक्त घोषित करने के लक्ष्य के तहत जिला नारायणपुर में “माड़ बचाओ अभियान” लगातार संचालित किया जा रहा है।
इसी क्रम में विगत एक महीने से नारायणपुर पुलिस, डीआरजी, आईटीबीपी और बीएसएफ की संयुक्त टीमों द्वारा सुदूर एवं संवेदनशील क्षेत्रों में सघन सर्चिंग और एरिया डोमिनेशन अभियान चलाया गया। ग्रामीणों के सक्रिय सहयोग एवं सुदृढ़ आसूचना तंत्र के माध्यम से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए डंप का पता लगाकर कार्रवाई की गई।

₹1.01 करोड़ कैश सहित AK-47, SLR और बड़ी मात्रा में गोला-बारूद बरामद
संयुक्त कार्रवाई के दौरान कुल ₹1,01,64,000 नकद राशि बरामद की गई। इसके अलावा AK-47, SLR, इंसास, 303 रायफल, 315 रायफल, 12 बोर बंदूक, देशी कट्टा, एयर गन, बीजीएल सेल, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कॉर्डेक्स वायर, वॉकीटॉकी सेट, रेडियो सेल, बिजली वायर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं।

नक्सलियों की हथियार आपूर्ति और IED निर्माण क्षमता को पहुंचा बड़ा नुकसान
पुलिस के अनुसार इस कार्रवाई से नक्सलियों की लॉजिस्टिक सप्लाई, हथियार आपूर्ति एवं आईईडी निर्माण क्षमता को गंभीर आघात पहुंचा है। इसे नक्सल उन्मूलन अभियान की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे।
वर्ष 2025-26 में अब तक 270 हथियारों की रिकवरी, एसपी ने बताया शांति और विकास का संकेत
पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि आज की कार्रवाई के बाद वर्ष 2025-26 में जिले में कुल 270 हथियारों की रिकवरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा दर्शाता है कि क्षेत्र में विश्वास, शांति और विकास की प्रक्रिया लगातार मजबूत हो रही है।
अबूझमाड़ क्षेत्र में और हथियार छिपे होने की आशंका, ग्रामीणों से सहयोग की अपील
पुलिस ने आशंका जताई है कि मारे गए नक्सलियों द्वारा अबूझमाड़ के जंगलों में अभी भी हथियार, विस्फोटक सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं छिपाकर रखी गई हो सकती हैं। सुरक्षा बलों ने आम जनता एवं ग्रामीणों से अपील की है कि संदिग्ध सामग्रियों की जानकारी तत्काल पुलिस और केंद्रीय बलों को दें।
संयुक्त कार्रवाई में बरामद प्रमुख सामग्री
संयुक्त अभियान में AK-47 रायफल 3 नग, SLR रायफल 3 नग, 303 रायफल 2 नग, 315 रायफल 1 नग, 12 बोर बंदूक 2 नग, देशी कट्टा 2 नग, एयर गन 1 नग, AK-47 के 113 जिंदा कारतूस, SLR के 182 कारतूस, 303 रायफल के 45 कारतूस, 315 रायफल के 41 कारतूस, 12 बोर के 19 कारतूस, 132 बीजीएल सेल, 8 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, 6 बंडल कॉर्डेक्स वायर, 6 वॉकीटॉकी, मोटोरोला सेट, SMG कार्टेज, BGL कार्टेज, सोरा, व्हाइट पाउडर, रेडियो सेल, बिजली वायर और अन्य दैनिक सामग्री बरामद की गई है।
