इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिससे लंबे समय से लंबित प्रमोशन में आरक्षण के विवाद के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है। यह निर्णय विभिन्न जनहित याचिकाओं और सेवा संबंधी मामलों में न्यायालय द्वारा दिए गए अंतिम आदेशों के अनुपालन में लिया गया है।
कमेटी की अध्यक्षता
कमेटी की अध्यक्षता मनोज कुमार पिंगुआ (अपर मुख्य सचिव, गृह एवं जेल विभाग) करेंगे। समिति में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। प्रमुख सदस्यों में सोनमणी बोरा (प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति/जनजाति विकास विभाग) और रजत कुमार (सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग) शामिल हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। राज्य सरकार के इस कदम से उम्मीद है कि प्रमोशन में आरक्षण से जुड़े लंबे समय से चले आ रहे विवाद का समाधान निकल सकेगा।
दरअसल ST-SC अफसर कर्मियों को प्रमोशन में आरक्षण के लिए क्वांटिफिएबल डेटा तैयार करने के तैयारी चल रही है। जिसके बाद अब राज्य में लंबे समय से लंबित पदोन्नति में आरक्षण के विवाद को सुलझाने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है। इसके लिए ‘मात्रात्मक आंकड़े’ यानी क्वांटिफायएबल डाटा तैयार करने की को लेकर उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।
कमेटी में कौन कौन
आपको बता दें विभिन्न जनहित याचिकाओं और सर्विस याचिकाओं में पारित अंतिम आदेशों के अनुपालन में ये निर्णय लिया गया है। इस उच्च स्तरीय कमेटी में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। सूत्रों की मानें तो अपर मुख्य सचिव, गृह एवं जेल विभाग मनोज कुमार पिंगुआ की अध्यक्षता में हाई लेवल कमेटी बनी है। जिसमें सदस्य के रूप में सोनमणी बोरा (प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति/जनजाति विकास विभाग) और रजत कुमार (सचिव, वाणिज्य एवं उद्योग तथा सामान्य प्रशासन विभाग के अन्य अधिकारी शामिल हैं। इसे लेकर सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिया है।