शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांदमारी में उन्मुखीकरण बैठक आयोजित, शिक्षण गुणवत्ता सुधार पर जोर

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रायगढ़। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांदमारी, रायगढ़ में शिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ के उन्मुखीकरण (orientation) और क्षमतावर्धन (capacity building) के उद्देश्य से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक चांदमारी परिसर अंतर्गत संचालित तीनों शालाओं—शासकीय रविशंकर प्राथमिक शाला, माध्यमिक विद्यालय तथा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय—के शिक्षकों और स्टाफ की उपस्थिति में प्राचार्य कक्ष में संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी प्राचार्य भरत लाल नामदेव ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के जयघोष के साथ हुआ।

सीजीवीएस ऐप में उपस्थिति और रिकॉर्ड अपडेट रखने के निर्देश

बैठक में प्रभारी प्राचार्य भरत लाल नामदेव ने पिछले सप्ताह तय किए गए बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने सभी शिक्षकों को CGVS ऐप में प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने, विद्यार्थी विवरण, अवकाश रिकॉर्ड, शिक्षक रिपोर्ट और ड्यूटी रिपोर्ट समय पर अपडेट करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयी व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए रिकॉर्ड का नियमित संधारण बेहद जरूरी है।

शाला प्रबंधन, शिक्षण नवाचार और अनुशासन पर विस्तृत चर्चा

संकुल शैक्षिक समन्वयक सन्नी खाण्डे ने बाल सदन गठन एवं कार्य विभाजन की जानकारी साझा की। इसके बाद शासकीय रविशंकर प्राथमिक शाला की प्रधान पाठक डॉ. मनीषा त्रिपाठी ने विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में नवीन शाला प्रबंधन एवं विकास समिति गठन, शालेय पंजियों के रखरखाव, कक्षा सजावट, सहायक शिक्षण सामग्री निर्माण, गणित एवं विज्ञान कॉर्नर की स्थापना, पुस्तकालय संचालन और बच्चों में स्व-अध्ययन की आदत विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कार्ययोजना तैयार

शिक्षकों को निर्देशित किया गया कि बच्चों के लिए शैक्षिक खेल, प्रतियोगिताएं, विज्ञान मॉडल, चार्ट और पोस्टर निर्माण जैसी गतिविधियां नियमित कराई जाएं। साथ ही विज्ञान, गणित और अंग्रेजी विषयों को अधिक रोचक एवं प्रयोगात्मक तरीके से पढ़ाने पर बल दिया गया, ताकि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हो सके।

बैठक में स्वच्छता, मध्यान्ह भोजन मीनू प्रदर्शन, किचन गार्डन निर्माण, वृक्षारोपण, बागवानी, तथा विद्यालय परिसर की नियमित सफाई जैसे मुद्दों पर भी स्पष्ट निर्देश दिए गए। बच्चों की शारीरिक स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक शनिवार नाखून और बालों की जांच करने की बात भी कही गई।

स्मार्ट शिक्षण और सतत मॉनिटरिंग पर विशेष फोकस

विषय-शिक्षक विहीन शालाओं में कार्यरत शिक्षकों को स्मार्ट टीवी, स्मार्ट बोर्ड और प्रोजेक्टर जैसे डिजिटल संसाधनों के माध्यम से अध्यापन कार्य करने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रधान पाठकों को शिक्षण कार्य की सतत मॉनिटरिंग करने तथा अवकाश पर गए शिक्षकों की कक्षाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।

कक्षा कक्षों में महापुरुषों, वैज्ञानिकों, गणितज्ञों और साहित्यकारों के पोस्टर लगाने तथा प्रेरक विचार प्रदर्शित करने पर भी जोर दिया गया, जिससे बच्चों में राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्य और सामाजिक समरसता का विकास हो सके।

व्यावहारिक समस्याएं भी उठीं, समाधान का आश्वासन

बैठक के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं स्टाफ ने अपने कार्य से जुड़ी व्यावहारिक कठिनाइयों को भी साझा किया। इस पर प्रभारी प्राचार्य ने यथासंभव समाधान का आश्वासन दिया। उन्होंने सभी को सदन की मर्यादा बनाए रखते हुए एजेंडा आधारित चर्चा करने और विद्यालय संचालन को अधिक प्रभावी बनाने हेतु समर्पित भाव से कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

बैठक के अंत में प्राचार्य ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए बैठक समाप्ति की घोषणा की।

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