खरसिया/रायगढ़। ग्राम पंचायत भैनापारा में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जनपद पंचायत खरसिया द्वारा नियुक्त जांच अधिकारी के सामने सरपंच अनहीत भैना और पंचायत सचिव पंचायत के आय-व्यय का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद पंचों और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है।
जांच अधिकारी ने मांगे कैशबुक और बिल-वाउचर
ग्रामीणों की शिकायत पर 26 जून 2026 को जांच अधिकारी ग्राम भैनापारा पहुंचे। जांच के दौरान पंचगण, उपसरपंच और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। अधिकारी ने सरपंच और सचिव से 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत राशि के आहरण से संबंधित कैशबुक, बिल-वाउचर और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।
दस्तावेज नहीं दिखा पाए सरपंच-सचिव
पंचों का आरोप है कि जांच के दौरान सरपंच और सचिव कोई भी आवश्यक दस्तावेज या स्पष्ट हिसाब पेश नहीं कर सके। साथ ही, वे संतोषजनक जवाब देने में भी असफल रहे, जिससे ग्रामीणों का संदेह और गहरा गया।
RTI के बाद भी नहीं मिला हिसाब
उपसरपंच संपति हरिशंकर पटेल ने बताया कि 10 फरवरी 2026 को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत जानकारी मांगी गई थी, लेकिन आज तक कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि बिना विकास कार्य कराए ही फर्जी बिलों के जरिए राशि निकाली गई है।
पंचों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
मामले के बाद पंचायत के पंचों में भारी आक्रोश है। सभी पंचों ने संयुक्त रूप से मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत खरसिया को लिखित आवेदन देकर सरपंच अनहीत भैना और सचिव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सरपंच को पद से हटाने की मांग भी उठाई गई है।
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने साफ कहा है कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। अब सभी की नजर प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई है।


