बिलासपुर। जिले की एक गौशाला में एक साथ 23 गायों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। गौशाला परिसर में बड़ी संख्या में मवेशियों के शव मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गौशाला के संचालन एवं व्यवस्थाओं को लेकर जमकर आक्रोश जताया।
भूख-प्यास से मौत का आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौशाला में मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा और पानी की व्यवस्था नहीं थी। ग्रामीणों का दावा है कि कई दिनों से उचित देखभाल नहीं होने के कारण गायें कमजोर हो गईं और उनकी मौत हुई।
हालांकि, गायों की मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं है। भूख-प्यास के अलावा खराब चारा अथवा किसी जहरीले पदार्थ के सेवन की आशंका की भी जांच की जा रही है। मौत की वजह पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
वासुदेव सेवा समिति के संचालन पर सवाल
बताया जा रहा है कि संबंधित गौशाला का संचालन वासुदेव सेवा समिति द्वारा किया जा रहा था। घटना के बाद समिति के प्रबंधन, पशुओं की देखरेख और गौशाला को मिलने वाले संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मौके पर पहुंचा प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग
23 गायों की मौत की सूचना के बाद प्रशासन और पशु चिकित्सा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। मृत गायों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। अधिकारियों द्वारा गौशाला में उपलब्ध चारा-पानी, पशुओं की संख्या और संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
वहीं मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विसरा जांच की प्रक्रिया भी अपनाई जा रही है। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मवेशियों की मौत किन परिस्थितियों में हुई।
जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें
एक साथ 23 गोवंश की मौत ने गौशाला में पशुओं की देखरेख और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल प्रशासनिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी तय हो सकेगी।
रिपोर्टर — अभिषेक कुमार पाण्डेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़




