चेन्नई। तमिल सिनेमा के दिग्गज फिल्म निर्देशक Bharathiraja का बुधवार को चेन्नई में निधन हो गया। वह 85 वर्ष के थे और लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से तमिल फिल्म इंडस्ट्री सहित पूरे भारतीय सिनेमा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
तमिल फिल्म इंडस्ट्री ने जताया शोक
तमिल फिल्म प्रोड्यूसर्स काउंसिल ने भारतीराजा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भारतीय सिनेमा का महान फिल्मकार बताया। काउंसिल ने कहा कि उनके जाने से फिल्म जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। भारतीराजा काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके थे।
बेटे के निधन का गहरा सदमा
वर्ष 2024 में उनके बेटे और अभिनेता Manoj Bharathiraja का हृदयाघात से निधन हो गया था। उस समय उनकी उम्र मात्र 48 वर्ष थी। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, बेटे के निधन का सदमा भारतीराजा कभी पूरी तरह नहीं भुला पाए और इसके बाद उनकी सेहत लगातार गिरती चली गई।
लंबे समय से थे अस्वस्थ
पिछले वर्ष दिसंबर में सांस लेने में तकलीफ के कारण उन्हें चेन्नई के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी, लेकिन स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। अंततः उन्होंने बुधवार को अंतिम सांस ली।
’16 वयाथिनिले’ से बदली तमिल सिनेमा की दिशा
भारतीराजा ने वर्ष 1977 में 16 Vayathinile से निर्देशन की दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म में Kamal Haasan, Sridevi और Rajinikanth जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म ने ग्रामीण पृष्ठभूमि की कहानियों को नए अंदाज में प्रस्तुत कर तमिल सिनेमा में नई पहचान बनाई।
इसके बाद उन्होंने Sigappu Rojakkal, Alaigal Oivathillai, Kadhal Oviyam और Muthal Mariyathai जैसी कई यादगार फिल्मों का निर्देशन किया।
पुरस्कारों से सम्मानित रहा शानदार करियर
चार दशक से अधिक लंबे करियर में भारतीराजा ने 40 से ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया। उन्हें 6 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, 6 तमिलनाडु राज्य फिल्म पुरस्कार और एक नंदी पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। भारतीय सिनेमा में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए भारत सरकार ने वर्ष 2004 में उन्हें Padma Shri से सम्मानित किया था।
भारतीराजा का निधन भारतीय सिनेमा के एक स्वर्णिम अध्याय के अंत के रूप में देखा जा रहा है। उनके योगदान और फिल्मों को हमेशा याद किया जाएगा।


