रायगढ़ जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनांद” के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 8 मवेशियों को मुक्त कराया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है, जबकि एक आरोपी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
डायल-112 की सूचना पर पकड़ा गया पिकअप वाहन
पुलिस को 24 मई की रात डायल-112 के माध्यम से सूचना मिली थी कि ग्राम खड़गांव में एक पिकअप वाहन में अवैध रूप से मवेशियों को भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची और जांच के दौरान वाहन क्रमांक CG 12 AS 8363 में 8 मवेशी भरे मिले।
ठूंस-ठूंस कर ले जाए जा रहे थे मवेशी
जांच के दौरान पाया गया कि मवेशियों को वाहन में क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंसकर ले जाया जा रहा था। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सत्यपाल राठिया (21 वर्ष) और तिहारू राम राठिया (30 वर्ष) निवासी चाकामार नवापारा, जिला कोरबा के रूप में बताई। वहीं वाहन चालक रमेश राठिया मौके से फरार हो गया।
पशुक्रूरता और पशु परिरक्षण कानून के तहत केस दर्ज
धरमजयगढ़ थाना में तीनों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषिक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 एवं पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
गौशाला में की गई मवेशियों की व्यवस्था
पुलिस ने जब्त किए गए मवेशियों को सुरक्षित रखते हुए उनके चारा-पानी की व्यवस्था ग्राम सलखिया गौशाला में कराई है।
एसएसपी का सख्त संदेश
रायगढ़ एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “ऑपरेशन शंखनांद के तहत मवेशी तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में लगातार कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”


