संवाददाता: अभिषेक कुमार पाण्डेय, जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़)
बिलासपुर। भारतीय रेलवे में एक संभावित बड़ा हादसा रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से टल गया। 5 अगस्त 2026 को गाड़ी संख्या 17008 दरभंगा–चर्लापल्ली एक्सप्रेस में ब्रेक बाइंडिंग की घटना सामने आई, जिसे समय रहते नियंत्रित कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई।
आरपीएफ के प्रधान आरक्षक अनिरुद्ध पासवान और आरक्षक देवेंद्र सिंह दुर्ग से गोंदिया के बीच सुरक्षा अनुरक्षण ड्यूटी पर तैनात थे। यात्रा के दौरान गुदमा–गोंदिया रेलखंड में ट्रेन से ब्रेक जलने की तीव्र गंध आने पर उन्होंने तत्काल निरीक्षण किया। जांच में कोच B-07 और B-03 के नीचे से घना धुआं निकलता दिखाई दिया, जिससे संभावित दुर्घटना की आशंका उत्पन्न हुई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ दल ने तत्काल चेन पुलिंग कर ट्रेन को सुरक्षित रूप से रोका तथा एसी मैकेनिक, टीटीई, सहायक लोको पायलट और गार्ड को सूचना दी। इसके बाद ट्रेन में उपलब्ध अग्निशामक यंत्र की मदद से धुआं और आग की स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया।
गोंदिया स्टेशन पहुंचने पर रेलवे के तकनीकी अधिकारियों ने प्रभावित कोचों का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच के दौरान ब्रेक को आइसोलेट कर आवश्यक सुरक्षा परीक्षण किए गए। सभी परीक्षण संतोषजनक पाए जाने के बाद ट्रेन को सुरक्षित रूप से आगे के सफर के लिए रवाना कर दिया गया।
जांच में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि के संकेत नहीं मिले। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ की सतर्कता, त्वरित निर्णय और साहसिक कार्रवाई के कारण एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई तथा सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित रहे।
रेलवे सुरक्षा बल ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि या असामान्य स्थिति की जानकारी तुरंत रेल मदद हेल्पलाइन 139, निकटतम आरपीएफ पोस्ट या रेलवे कर्मचारियों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।




