अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
मॉर्निंग वॉक के दौरान हुआ था हमला, साइबर सेल और तारबाहर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आरोपी पकड़ाया
बिलासपुर। कांग्रेस नेता पर मॉर्निंग वॉक के दौरान हुए कथित जानलेवा हमले के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे मुख्य आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य साजिशकर्ता दीपक तिवारी (29 वर्ष) गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया था। साइबर सेल और तारबाहर पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को ट्रेस कर गिरफ्तार किया।
रेलवे अस्पताल के पास हुआ था हमला
पुलिस के मुताबिक प्रार्थी शिशिर कश्यप की शिकायत के आधार पर घटना की जांच शुरू की गई थी। शिकायत के अनुसार 4 जुलाई 2026 की सुबह करीब 6:45 बजे उनके पिता रेलवे अस्पताल के पास मॉर्निंग वॉक कर रहे थे।
इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधे तीन अज्ञात लोगों ने उन्हें कथित तौर पर घेर लिया। आरोप है कि गाली-गलौज के बाद डंडे और नुकीले हथियार से उन पर हमला किया गया। घटना के संबंध में तारबाहर थाने में BNS की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
CCTV और तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार विवेचना के दौरान घटनास्थल और आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज की जांच की गई। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल तथा हमले में शामिल आरोपियों के संबंध में सुराग मिले।
मामले में पुलिस पहले ही नितिन टेकाम, आंचल साहिल, नवीन पटेल और एक अपचारी बालक को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी थी। वहीं मुख्य आरोपी दीपक तिवारी फरार बताया जा रहा था।
गिरफ्तारी से बचने नेपाल चला गया था आरोपी
पुलिस के मुताबिक हमले की साजिश में मुख्य भूमिका होने के आरोप में वांछित दीपक तिवारी गिरफ्तारी से बचने के लिए नेपाल चला गया था। साइबर सेल और तारबाहर पुलिस की टीम तकनीकी विश्लेषण के जरिए उसकी गतिविधियों और संभावित लोकेशन पर नजर रख रही थी।
लोकेशन संबंधी सुराग मिलने के बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल फोन जब्त, न्यायिक रिमांड पर भेजा
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना से संबंधित एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 221/2026 में BNS की धाराओं 296, 351(3), 115(2), 3(5), 61(2), 109 एवं 55 के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।




