सोशल मीडिया वीडियो में पत्रकारों पर पैसे मांगने के आरोप का दावा, प्रेस क्लब अध्यक्ष ने मांगी स्वतंत्र जांच; कथित धमकी के ऑडियो को लेकर भी उठे सवाल
जशपुर/फरसाबहार। फरसाबहार क्षेत्र के सराइटोला स्थित महेश्वरी मेडिकल को लेकर सामने आई शिकायत अब आरोप-प्रत्यारोप के नए दौर में पहुंच गई है। मेडिकल के संचालन और उससे जुड़े कथित क्लीनिक को लेकर शिकायत के बाद सोशल मीडिया पर मेडिकल संचालक की ओर से वीडियो जारी किए जाने की बात सामने आई है। वीडियो में प्रेस से जुड़े लोगों पर पैसे मांगने जैसे आरोप लगाए जाने का दावा किया जा रहा है। इसके बाद प्रेस क्लब अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल ने पूरे मामले की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच की मांग की है।
पत्रकारों पर पैसे मांगने के आरोप, सबूत सामने रखने की मांग
मेडिकल संचालक की ओर से जारी बताए जा रहे सोशल मीडिया वीडियो में कथित तौर पर आरोप लगाया गया है कि पत्रकारों ने पैसे की मांग की और मांग पूरी नहीं होने पर खबर प्रकाशित की गई।
इन आरोपों पर प्रेस क्लब अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल ने कहा है कि यदि किसी पत्रकार द्वारा पैसे की मांग या लेन-देन किया गया है तो उसके समर्थन में ठोस साक्ष्य सामने आने चाहिए। उनका कहना है कि आरोपों की भी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि आरोप गलत या निराधार पाए जाते हैं तो झूठे आरोप लगाने वाले के विरुद्ध भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मेडिकल के पीछे कथित क्लीनिक को लेकर सवाल
प्रेस क्लब अध्यक्ष के अनुसार, महेश्वरी मेडिकल के पीछे एक कथित क्लीनिक संचालित होने की जानकारी सामने आई थी। उनका दावा है कि वहां ग्रामीणों का उपचार किए जाने के साथ इंजेक्शन और बोतल लगाए जाने जैसी चिकित्सा गतिविधियां किए जाने की शिकायत मिली।
चंद्रशेखर जायसवाल के मुताबिक, मौके से संबंधित वीडियो और बाइट लिए जाने के बाद उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को फोन के माध्यम से मामले की जानकारी दी और जांच की मांग की।
हालांकि, क्लीनिक के संचालन, उपचार किए जाने तथा इंजेक्शन या अन्य चिकित्सा गतिविधियों से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। इनकी वैधता और वास्तविक स्थिति का निर्धारण सक्षम स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगा।
शिकायत के बाद कथित गाली-गलौज और धमकी का आरोप
प्रेस क्लब अध्यक्ष चंद्रशेखर जायसवाल का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग में शिकायत किए जाने के बाद मेडिकल संचालक की ओर से उन्हें फोन किया गया, जिसमें कथित रूप से गाली-गलौज और धमकी दी गई।
उनका कहना है कि इस बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास मौजूद है। उन्होंने मामले की जानकारी SDOP पथलगांव को दिए जाने की बात भी कही है। अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि ऑडियो वास्तविक है या नहीं और उसमें कही गई बातों की परिस्थितियां क्या थीं।
जांच के दायरे में आ सकते हैं कई पहलू
पूरे विवाद के सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और पुलिस के सामने कई बिंदुओं की जांच का सवाल खड़ा हो गया है।
- मेडिकल स्टोर के लाइसेंस और संचालन की स्थिति क्या है?
- वहां फार्मासिस्ट की उपलब्धता और दवा बिक्री से संबंधित रिकॉर्ड क्या कहते हैं?
- मेडिकल के पीछे संचालित बताए जा रहे क्लीनिक की वैधता क्या है?
- वहां मरीजों के उपचार और इंजेक्शन लगाने जैसी गतिविधियां हुईं या नहीं?
- पत्रकारों पर पैसे मांगने के लगाए गए आरोपों के समर्थन में कोई प्रमाण उपलब्ध है या नहीं?
- कथित धमकी वाले ऑडियो की वास्तविकता और उसमें हुई बातचीत की परिस्थितियां क्या हैं?
आरोप-प्रत्यारोप के बजाय जांच से सामने आए सच्चाई
महेश्वरी मेडिकल का मामला अब केवल मेडिकल संचालन से जुड़े सवालों तक सीमित नहीं रह गया है। एक ओर मेडिकल संचालक की ओर से प्रेस से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए जाने की बात सामने आई है, तो दूसरी ओर प्रेस क्लब अध्यक्ष की ओर से कथित चिकित्सा गतिविधियों और धमकी को लेकर शिकायत की बात कही जा रही है।
ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई आरोप-प्रत्यारोप या सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर तय करने के बजाय संबंधित विभागों की निष्पक्ष जांच से सामने आना जरूरी है।
CMHO, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई पर निगाहें
अब निगाहें स्वास्थ्य विभाग, CMHO, संबंधित औषधि नियंत्रण अधिकारियों और पुलिस प्रशासन की संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि शिकायतों पर जांच होती है तो मेडिकल संचालन, कथित क्लीनिक और लगाए गए अन्य आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल मामले में सामने आए सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। संबंधित मेडिकल संचालक या अन्य पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना आवश्यक होगा।




