रायगढ़ | 22 मई 2026
ग्रामीण परिवारों तक योजनाओं की पहुंच से बदल रही जीवन की तस्वीर
शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचती हैं, तो केवल योजनाओं का लाभ नहीं मिलता बल्कि कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद और स्थायित्व का रास्ता भी खुलता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे ही सकारात्मक बदलाव की तस्वीर पेश कर रहा है।
शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने से हजारों परिवारों के जीवन में परिवर्तन दिखाई दे रहा है। इसी बदलाव की एक तस्वीर ग्राम पंचायत सुकुलभठली निवासी गंगाधर प्रधान के जीवन में देखने को मिली है।
मेहनत-मजदूरी कर परिवार चलाने वाले गंगाधर के लिए पक्का घर था बड़ा सपना
गंगाधर प्रधान वर्षों से मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे। सीमित आय के कारण दैनिक जरूरतों को पूरा करना ही उनके लिए चुनौती बना रहता था। ऐसे में अपने परिवार के लिए पक्का घर बनाना एक दूर का सपना था।
परिस्थितियों के बीच सुरक्षित और स्थायी आशियाना उनके परिवार की सबसे बड़ी आवश्यकता थी, लेकिन आर्थिक स्थिति इसके लिए पर्याप्त नहीं थी।
प्रधानमंत्री आवास योजना से मिली मदद, सपने ने लिया वास्तविक रूप
प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिलने के बाद गंगाधर प्रधान ने ग्राम पंचायत में आवेदन किया। पात्रता के आधार पर योजना की स्वीकृति मिलने के बाद उनके आवास का निर्माण कार्य पूरा हुआ और अब उनका परिवार पक्के घर में सुरक्षित जीवन बिता रहा है।
आवास की प्रतीकात्मक चाबी मिलने का पल उनके परिवार के लिए भावुक और यादगार बन गया।
गंगाधर ने शासन और प्रशासन के प्रति जताया आभार
गंगाधर प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में उन्हें जो पक्का आशियाना मिला है, वह उनके परिवार के लिए सपने के साकार होने जैसा है।
उन्होंने शासन और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उनका परिवार सुरक्षित वातावरण में सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर रहा है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को मिल रहा सुरक्षा और सम्मान का आधार
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे परिवारों को न केवल सुरक्षित आवास मिल रहा है बल्कि सम्मान और स्थायित्व का आधार भी मजबूत हो रहा है।


