31 जुलाई तक निर्माण या मरम्मत कार्य शुरू नहीं होने पर 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण करेंगे शांतिपूर्ण आंदोलन।
20 वर्षों से जर्जर सड़क को लेकर बढ़ा जनआक्रोश
लैलूँगा (रायगढ़)। केशला–तोलगे सड़क की खराब स्थिति को लेकर क्षेत्रवासियों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लगभग 20 वर्षों से जर्जर पड़े इस मार्ग के निर्माण की मांग को लेकर केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति ने 1 अगस्त 2026 को शांतिपूर्ण चक्का जाम आंदोलन की घोषणा की है।
समिति ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), लैलूँगा को सूचना पत्र सौंपकर कहा है कि यदि 31 जुलाई 2026 तक सड़क निर्माण अथवा मरम्मत कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो 1 अगस्त को सुबह 10 बजे घरघोड़ा–लैलूँगा मुख्य मार्ग स्थित केशला मोड़ (हाई स्कूल के पास) शांतिपूर्ण चक्का जाम किया जाएगा।
15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोग प्रभावित
संघर्ष समिति के अनुसार यह सड़क लगभग 15 ग्राम पंचायतों के हजारों लोगों के लिए आवागमन का प्रमुख मार्ग है। प्रतिदिन विद्यार्थी इसी रास्ते से स्कूल और कॉलेज पहुंचते हैं, किसान अपनी उपज बाजार तक ले जाते हैं, जबकि मरीज, मजदूर और व्यापारी भी इसी सड़क पर निर्भर हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वर्षों से उन्हें आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है।
स्थायी समाधान नहीं मिलने का आरोप
समिति का कहना है कि पिछले दो दशकों में सड़क निर्माण को लेकर कई बार घोषणाएं और आश्वासन दिए गए, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका। इससे क्षेत्र के लोगों में निराशा और असंतोष बढ़ा है।
जनजागरण के बाद आंदोलन का निर्णय
संघर्ष समिति ने बताया कि आंदोलन से पहले जनजागरण, हस्ताक्षर अभियान, जनसंपर्क और महिलाओं व युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने जैसे कार्यक्रम चलाए गए हैं। समिति का दावा है कि बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों का समर्थन आंदोलन को प्राप्त है।
शांतिपूर्ण आंदोलन की बात
संघर्ष समिति ने स्पष्ट किया है कि प्रस्तावित चक्का जाम पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक होगा। समिति ने कहा कि यदि 31 जुलाई तक सड़क निर्माण कार्य शुरू हो जाता है, तो आंदोलन की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। अन्यथा क्षेत्रवासी अपने संवैधानिक अधिकारों के तहत आंदोलन करेंगे।





