दो चोरी की घटनाओं का खुलासा, अंबिकापुर से पुलिस ने पकड़े आरोपी
बलरामपुर-रामानुजगंज। Kusmi Crime के तहत कुसमी नगर में हुई चोरी की दो बड़ी घटनाओं का पुलिस ने खुलासा किया है। कुसमी पुलिस ने स्कूटी और सोने-चांदी के आभूषण चोरी करने वाले एक विधि से संघर्षरत बालक और उसके सहयोगी आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने दोनों मामलों में चोरी गए सामान की बरामदगी भी कर ली है।
पहली घटना में चोरी हुई थी स्कूटी
पुलिस के अनुसार, 19 से 20 जून 2026 की दरम्यानी रात तिवारी कॉलोनी कुसमी स्थित किराये के मकान में रहने वाली प्रार्थिया तसिया एक्का के घर में अज्ञात चोर ने खिड़की की जाली उखाड़कर प्रवेश किया था।
चोर ने घर के अंदर रखी स्कूटी की चाबी निकालकर बाउंड्री के अंदर खड़ी TVS ज्यूपिटर स्कूटी क्रमांक CG-14-MQ-0463 चोरी कर ली थी। मामले में थाना कुसमी में अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
दूसरी घटना में लाखों के जेवर और स्कूटी चोरी
इसके बाद 1 से 2 जुलाई 2026 की दरम्यानी रात वार्ड नंबर-4, जशपुर रोड कुसमी निवासी चंदन गुप्ता के घर का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया।
चोर घर से सोने-चांदी के आभूषण, नगदी रकम, एप्पल मोबाइल फोन और घर के बाहर खड़ी TVS ज्यूपिटर स्कूटी लेकर फरार हो गए थे। लगातार हुई दो चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी।
पुलिस टीम ने अंबिकापुर से पकड़ा आरोपी
पुलिस अधीक्षक बलरामपुर श्री वैभव बैंकर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विश्व दीपक त्रिपाठी के निर्देश पर एसडीओपी कुसमी के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित की गई।
कुसमी पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की दोनों घटनाओं को अंजाम देने वाले एक विधि से संघर्षरत बालक और चोरी का सामान छिपाने में सहयोग करने वाले सुरेंद्र नगेशिया को अंबिकापुर से पुलिस अभिरक्षा में लिया।
25 लाख का चोरी का सामान बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई—
- 2 नग TVS ज्यूपिटर स्कूटी
- सोने-चांदी के आभूषण
सहित करीब 25 लाख रुपये कीमत का मशरूका बरामद किया है।
दोनों आरोपियों को 9 जुलाई 2026 को विधिवत न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
पूरी कार्रवाई में थाना कुसमी एवं सामरी पुलिस स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक दीपक बड़ा, प्रशिक्षु उप निरीक्षक निरेंद्र भंडारी, जयश्री वर्मा, प्रधान आरक्षक विकास कुजूर, संजय साहू, आरक्षक मनोज लकड़ा, धीरेंद्र चंदेल और विकास भगत का विशेष योगदान रहा।




