छत्तीसगढ़ का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बना केसला, लोकल पास भी अब ऑनलाइन

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20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र स्थानीय नागरिक घर बैठे ले सकेंगे डिजिटल लोकल पास, 350 रुपये में मिलेगा मासिक पास

बिलासपुर, 25 अगस्त 2025। राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुगम, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में छत्तीसगढ़ ने नई पहल की है। बिलासपुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर स्थित केसला टोल प्लाजा प्रदेश का पहला पूरी तरह डिजिटल टोल प्लाजा बन गया है। यहां टोल भुगतान की डिजिटल व्यवस्था के साथ स्थानीय नागरिकों के लिए लोकल मासिक पास की सुविधा भी पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है।

घर बैठे बन सकेगा डिजिटल लोकल पास

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा चयनित टोल प्लाजा पर शुरू की गई फास्टैग डिजिटल लोकल पास सुविधा के तहत केसला टोल प्लाजा को भी शामिल किया गया है। अब स्थानीय यात्रियों को मासिक पास बनवाने के लिए टोल प्लाजा जाने या भौतिक दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

पात्र नागरिक मोबाइल फोन के माध्यम से ‘राजमार्ग यात्रा’ (Rajmargyatra) एप अथवा एनएचएआई के आधिकारिक वेब पोर्टल के जरिए घर बैठे डिजिटल लोकल पास के लिए आवेदन कर सकेंगे।

20 किलोमीटर के दायरे में रहने वालों को सुविधा

डिजिटल लोकल पास योजना के तहत संबंधित टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में निवास करने वाले पात्र स्थानीय नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र उपयोगकर्ताओं को संबंधित टोल प्लाजा से मासिक आधार पर आवागमन की सुविधा मिलेगी।

350 रुपये में मिलेगा मासिक पास

नेशनल हाईवे यूजर फीस नियमों के तहत गैर-व्यावसायिक वाहनों के लिए मासिक लोकल पास का शुल्क 350 रुपये निर्धारित किया गया है। पात्र स्थानीय वाहन मालिकों के लिए यह व्यवस्था टोल प्लाजा से नियमित आवागमन को अधिक आसान बनाएगी।

डिजीलॉकर और GIS से होगा डिजिटल सत्यापन

नई डिजिटल व्यवस्था में डिजीलॉकर, वाहन संबंधी सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म और लिंक किए गए फास्टैग जैसी प्रणालियों के साथ सहमति आधारित डिजिटल एकीकरण किया गया है। इससे आवेदक के आवासीय पते, वाहन विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियों का डिजिटल सत्यापन किया जा सकेगा।

पात्रता का निर्धारण भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) आधारित तकनीक के माध्यम से भी किया जाएगा। इससे यह सत्यापित किया जा सकेगा कि आवेदक का पंजीकृत पता संबंधित टोल प्लाजा के निर्धारित 20 किलोमीटर के दायरे में आता है या नहीं।

इस व्यवस्था से मैनुअल दस्तावेजीकरण और भौतिक सत्यापन की आवश्यकता कम होगी तथा पात्रता निर्धारण में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ेगी।

अन्य टोल प्लाजा तक भी विस्तार की तैयारी

केसला टोल प्लाजा से शुरू हुई यह डिजिटल पहल छत्तीसगढ़ में टोल सेवाओं के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। आने वाले समय में प्रदेश के अन्य टोल प्लाजा पर भी ऑनलाइन लोकल पास की सुविधा का विस्तार किए जाने की योजना है।

एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को तकनीक आधारित, सरल और जन-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लोकल डिजिटल पास और टोल प्लाजा से संबंधित जानकारी के लिए यात्री ‘राजमार्ग यात्रा’ के आधिकारिक पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।

रिपोर्टर — अभिषेक कुमार पाण्डेय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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