नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन से जुड़ी कथित आतंकी साजिश के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पश्चिम बंगाल एसटीएफ के अनुसार, जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल से पूछताछ में सामने आया है कि जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की वर्दी पहनकर हमले की योजना बनाई गई थी। फिलहाल एजेंसियां मामले की गहन जांच कर रही हैं।
नेताओं और अधिकारियों की रेकी का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, संदिग्ध को पश्चिम बंगाल के कई प्रमुख नेताओं और अधिकारियों की रेकी करने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी। यह मामला भाजपा विधायक के बेटे के कथित अपहरण और फिरौती की साजिश की जांच के दौरान सामने आया, जिसके बाद कथित आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ।
महिला मित्र अर्पिता सरकार गिरफ्तार
एसटीएफ ने कार्रवाई करते हुए हमीम की महिला मित्र अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी का आरोप है कि वह संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल की सक्रिय सदस्य थी और सोशल मीडिया के माध्यम से हमीम के संपर्क में आई थी।
मोबाइल नंबर और रेकी कराने का आरोप
जांच के अनुसार, अर्पिता सरकार पर हमीम के कहने पर लोगों के मोबाइल नंबर जुटाने, रेकी करने और फोटो एकत्र करने का आरोप है। उसे अदालत में पेश करने के बाद 14 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
आमने-सामने पूछताछ की तैयारी
पश्चिम बंगाल एसटीएफ अब हमीम मंडल और अर्पिता सरकार को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की तैयारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या हमीम स्वयं जंतर-मंतर प्रदर्शन स्थल पर पहुंचा था या नहीं।


