अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, छत्तीसगढ़
कांग्रेस के रुख पर केंद्रीय राज्यमंत्री ने साधा निशाना
नई दिल्ली/बिलासपुर। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर कांग्रेस के कथित रुख पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत का अपमान केवल एक गीत का विरोध नहीं है, बल्कि यह देश के स्वाभिमान, संप्रभुता और मां भारती के लिए प्राण न्योछावर करने वाले अमर क्रांतिकारियों की शहादत का अपमान है।
राष्ट्रीय चेतना और अस्मिता का प्रतीक
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ भारत की सांस्कृतिक पहचान, गौरव और राष्ट्रीय चेतना का महत्वपूर्ण प्रतीक है। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान इस उद्घोष ने देशवासियों और स्वतंत्रता सेनानियों में साहस और राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय गीत की गरिमा को राजनीतिक लाभ के लिए ठेस पहुंचाना उचित नहीं है।
तुष्टीकरण की राजनीति का लगाया आरोप
तोखन साहू ने कांग्रेस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि राष्ट्रगीत को लेकर उसका रुख वोट बैंक की राजनीति और संकीर्ण मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि किसी वर्ग विशेष को साधने के लिए देश की सांस्कृतिक पहचान और राष्ट्रीय गौरव से समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि ‘मां भारती’ की वंदना और देश के राष्ट्रीय स्वाभिमान से जुड़े ‘वन्दे मातरम्’ को लेकर उसे आपत्ति क्यों है।
राष्ट्रहित को राजनीति से ऊपर रखने की अपील
केंद्रीय राज्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रहित, राष्ट्रध्वज और राष्ट्रगीत दलीय राजनीति से ऊपर हैं। इन राष्ट्रीय प्रतीकों को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ‘वन्दे मातरम्’ देश के स्वतंत्रता संघर्ष, बलिदान और राष्ट्रीय एकता से जुड़ी महत्वपूर्ण विरासत है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना प्रत्येक नागरिक और राजनीतिक दल की जिम्मेदारी है तथा देश की जनता राष्ट्रीय गौरव से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार के अपमानजनक रवैये को स्वीकार नहीं करेगी।




