पसान में इण्डेन गैस एजेंसी पर कालाबाजारी का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, एजेंसी संचालक पर गाली गलौज का भी आरोप

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पसान, कोरबा, 6 मई 2026
कोरबा जिले के पसान स्थित इण्डेन ग्रामीण गैस एजेंसी के संचालक जितेन्द्र सिंह तंवर पर गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और उपभोक्ताओं से दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगे हैं। परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कोरबा को सामूहिक आवेदन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों ने कलेक्टर को दिए आवेदन में बताया कि एजेंसी संचालक जितेन्द्र सिंह तंवर सिलेंडर स्टॉक में होने के बावजूद उपभोक्ताओं को यह कहकर लौटा देता है कि सिलेंडर नहीं है। इसके बाद वही सिलेंडर बाजार में अत्यधिक कीमत पर बेचकर मोटी रकम वसूलता है। सिलेंडर से भरा ट्रक लोड आने के बाद कुछ ही मिनट मे अपने अलग अलग जगहों पर स्टॉक कर ब्लैक मे कालाबाज़ारी कर सिलेंडर के दर से दुगने मे बेच कर ज्यादा मुनाफा के लालच मे आम आदमी को इसका भुगतान भुगतना पड़ रहा ये काफी लम्बे समय से चल रहा इसपर किसी का नियंत्रण नहीं इससे पहले भी शिकायत होने के बावजूद 4 से 5 ब्यक्ति अपने लोगो को बुला कर जांच के नाम पर लीपा पोती कर जांच एजेन्सी भी मोटी रकम लेकर पल्ला झाड़ लेते है ।

आवेदन के अनुसार संचालक अपने गोदाम में सिलेंडर न रखकर किसी अन्य जगह पर गैस रखता है। घरेलू गैस कनेक्शनधारियों को भी समय पर गैस देने में आनाकानी की जाती है। नियम से सिलेंडर मांगने पर उपभोक्ताओं को परेशान किया जाता है और पूछताछ करने पर गाली गलौज की जाती है।

फूड इंस्पेक्टर पर भी सवाल:
ग्रामीणों का कहना है कि इसकी शिकायत पहले पोंडी उपरोड़ा के फूड इंस्पेक्टर सरोज उर्रेती से की गई थी, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही जांच हुई। ग्रामीणों का आरोप है कि इंस्पेक्टर ने कहा कि वह एजेंसी नहीं चला सकता और एजेंसी बंद करने की धमकी देता है।

आवेदन में की गई मांग:
समस्त ग्रामवासी पसान के हस्ताक्षर वाले इस आवेदन में कलेक्टर से मांग की गई है कि गैस एजेंसी संचालक पर जांच कर कार्रवाई की जाए और कालाबाजारी रोककर ग्रामीणों को समय पर सिलेंडर उपलब्ध कराया जाए। आवेदन कलेक्टर कार्यालय में दिनांक 05/05/2026 पर दर्ज हुआ है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। इस मामले में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन और खाद्य विभाग से भी शिकायत की तैयारी है। कालाबाजारी साबित होने पर एजेंसी का लाइसेंस रद्द हो सकता है।

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