अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर छत्तीसगढ़
आरक्षक के रूप में शुरू हुआ सफर प्रधान आरक्षक तक पहुंचा, विभिन्न इकाइयों में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां
रायपुर। पुलिस विभाग में अपनी सेवा के 21 वर्ष पूरे कर प्रधान आरक्षक हुलेश्वर प्रसाद जोशी ने 22वें वर्ष में प्रवेश किया है। वर्तमान में वे व्हीआईपी सुरक्षा वाहिनी, माना-रायपुर में पदस्थ हैं। पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने सुरक्षा, चुनाव, तकनीकी कार्य, प्रशिक्षण और नागरिक सेवाओं से जुड़े विभिन्न दायित्वों में काम किया। इसके साथ ही लेखन और अध्ययन के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है।
सेवा के 21 वर्ष पूरे होने पर जोशी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों, मार्गदर्शकों, पत्रकारों और मीडिया प्रतिनिधियों के साथ परिवार एवं मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि उनके अब तक के सफर में मिले मार्गदर्शन, सहयोग, सम्मान और स्नेह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
23 सितंबर 2005 को हुई थी पुलिस सेवा की शुरुआत
हुलेश्वर प्रसाद जोशी की पुलिस सेवा की शुरुआत 23 सितंबर 2005 को 5वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, जगदलपुर में आरक्षक (जीडी) के रूप में हुई। सेवा के शुरुआती दौर में वे ई कंपनी कैंप, थाना जांगला और थाना कोरर में भी तैनात रहे।
वर्ष 2006 में उन्होंने एपीटीएस माना-रायपुर में बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसी दौरान मार्शल आर्ट्स का प्रशिक्षण भी लिया। बाद में उन्होंने सीआईएटी प्रशिक्षण सहित पुलिस सेवा से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम पूरे किए।
सुरक्षा से लेकर चुनाव ड्यूटी तक निभाई जिम्मेदारी
सेवा के दौरान जोशी ने व्हीआईपी सुरक्षा सेल, राज्य निर्वाचन सेल, सिटीजन कॉप सेल, तकनीकी सेवाएं शाखा और अन्य पुलिस इकाइयों में काम किया। विभिन्न विधानसभा, लोकसभा, नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों से जुड़े कार्यों में भी उनकी भागीदारी रही।
व्हीआईपी सुरक्षा से जुड़े कार्यकाल में उन्होंने महत्वपूर्ण व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक एवं न्यायिक अधिकारियों सहित अन्य सुरक्षा श्रेणी के लोगों की सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित कार्यों में योगदान दिया। व्हीआईपी सुरक्षा वाहिनी के गठन और पीएसओ प्रशिक्षण से जुड़े कार्यों में भी उनकी भूमिका रही।
सिटीजन कॉप से तकनीकी पुलिसिंग में योगदान
जोशी के सेवा जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा सिटीजन कॉप मोबाइल एप से जुड़ा रहा। वर्ष 2015 से 2020 के बीच सिटीजन कॉप सेल में रहते हुए उन्होंने एप के क्रियान्वयन और संचालन से जुड़े कार्यों में योगदान दिया।
उनके अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बड़ी संख्या में नागरिक शिकायतों के निराकरण और गुम या चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी की प्रक्रिया में भी काम किया गया। सिटीजन कॉप से जुड़े कार्यों के दौरान उन्हें विभिन्न स्तरों पर डिजिटल पुलिसिंग से संबंधित गतिविधियों का अनुभव मिला।
पुरस्कार और तकनीकी परियोजनाओं में सहभागिता
सिटीजन कॉप मोबाइल एप को अलग-अलग मंचों पर मिले सम्मानों और प्रस्तुतियों से जुड़े कार्यों में भी जोशी की भूमिका रही। इसके अलावा राज्य में डायल-112, सीसीटीएनएस और अन्य तकनीकी पुलिसिंग से संबंधित परियोजनाओं के कार्यान्वयन में भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी निभाई।
उन्होंने बैंक फ्रॉड, साइबर अपराध, ट्रैफिक नियंत्रण, तनाव प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर आयोजित कार्यशालाओं एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़े कार्यों में भी योगदान दिया।
कई महत्वपूर्ण आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में रहे शामिल
पुलिस सेवा के दौरान जोशी ने रायपुर में आयोजित विभिन्न बड़े खेल आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में भी ड्यूटी की। इनमें आईपीएल क्रिकेट मैच, चैंपियन लीग, विश्व हॉकी लीग और चैंपियन टेनिस लीग जैसे आयोजन शामिल रहे।
इसके अलावा गिरौधपुरी धाम में जैतखाम लोकार्पण कार्यक्रम सहित विभिन्न महत्वपूर्ण आयोजनों में सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियां निभाईं।
शिक्षा और लेखन में भी रुचि
पुलिस सेवा के साथ जोशी ने अपनी पढ़ाई भी जारी रखी। उनके शैक्षणिक अध्ययन में बीए, एमए (शिक्षाशास्त्र), एमए (अर्थशास्त्र), पीजीडीसीएपी, मानव अधिकार से संबंधित प्रमाणपत्र तथा कंप्यूटर शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम शामिल हैं।
वे लेखन के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे हैं। उनके प्रकाशित कार्यों में ‘लिख दूं क्या?’ नामक काव्य संग्रह और ‘मानव अधिकार के अनछुए पहलू’ शामिल हैं।
वरिष्ठों और सहयोगियों को दिया श्रेय
अपने 21 वर्षों के सफर को याद करते हुए जोशी ने कई वरिष्ठ अधिकारियों, सहकर्मियों और मार्गदर्शकों का विशेष रूप से उल्लेख किया है। उन्होंने अपने संदेश में अधिवक्ता देव प्रसाद जोशी, आरक्षक जय डहरिया, सेवानिवृत्त कंपनी कमांडर अशोक चतुर्वेदी, सहायक सेनानी कुंजराम चौहान, निरीक्षक जगदीश पाणिग्रही, सेवानिवृत्त सहायक सेनानी धर्मनाथ सिंह और विशेष डीजीपी जीपी सिंह सहित अनेक लोगों के मार्गदर्शन को अपने जीवन और सेवा यात्रा में महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने कहा कि शुरुआती दौर की गलतियों से सीखने, शिक्षा जारी रखने और विभागीय कार्यों में दक्षता हासिल करने में वरिष्ठों एवं सहयोगियों के मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका रही।
परिवार और मीडिया सहयोग के प्रति भी जताया आभार
जोशी ने अपनी सेवा यात्रा में परिवार के सदस्यों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने दादा-दादी, माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों के साथ मित्रों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के कार्यों को आम लोगों तक पहुंचाने में पत्रकारों और मीडिया साथियों का भी सहयोग मिलता रहा है। 21 वर्ष की सेवा पूरी होने पर उन्होंने सभी सहयोगियों से भविष्य में भी इसी तरह मार्गदर्शन और सहयोग बनाए रखने की अपेक्षा जताई है।


