हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद बिलासपुर एयरपोर्ट विस्तार पर बढ़ी उम्मीदें, AAI को जल्द फैसला लेने के निर्देश

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न्यायधानी की हवाई कनेक्टिविटी का मामला हाईकोर्ट में, 29 सितंबर को होगी अगली समीक्षा

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर लंबे समय से बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की मांग कर रही है। हाईकोर्ट, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन और गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों की मौजूदगी वाले इस शहर में एयरपोर्ट विस्तार और महानगरों के लिए सीधी उड़ानों का मुद्दा अब एक बार फिर सुर्खियों में है। एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे में विस्तार के बावजूद नियमित और व्यापक हवाई सेवाओं की कमी को लेकर हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।

हाईकोर्ट के सामने सरकार ने रखा एयरपोर्ट विस्तार का प्लान

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष एयरपोर्ट विस्तार और संचालन को लेकर कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। सरकार ने बताया कि एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड किया जा रहा है और आवश्यक सुविधाओं के विकास पर काम किया जा रहा है।

AAI को जल्द निर्णय लेने के निर्देश

हवाई सेवाओं के विस्तार और महानगरों से सीधी कनेक्टिविटी के मुद्दे पर अब एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। हाईकोर्ट ने मामले में जल्द ठोस निर्णय लेने की दिशा में स्पष्ट रुख अपनाया है। इससे बिलासपुर से दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की उम्मीद बढ़ी है।

नाइट लैंडिंग की सुविधा के बावजूद नियमित उड़ानों पर सवाल

याचिकाकर्ताओं की ओर से अदालत में बिलासपुर एयरपोर्ट की मौजूदा स्थिति को लेकर कई सवाल उठाए गए। उनका कहना है कि एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद नियमित कमर्शियल उड़ानों का अपेक्षित विस्तार नहीं हो पाया है।

बिलासपुर से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु जैसे प्रमुख महानगरों के लिए सीधी उड़ानों की मांग लंबे समय से उठती रही है। यात्रियों और व्यापारिक वर्ग का कहना है कि बेहतर हवाई कनेक्टिविटी से बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास को भी गति मिल सकती है।

29 सितंबर को होगी अगली समीक्षा

हाईकोर्ट ने मामले में प्रगति पर नजर बनाए रखते हुए अगली समीक्षा के लिए 29 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। अब निगाहें AAI और संबंधित विभागों की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।

हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद बिलासपुर के लोगों को उम्मीद है कि एयरपोर्ट विस्तार और हवाई सेवाओं को लेकर वर्षों से चली आ रही प्रक्रिया अब किसी ठोस नतीजे तक पहुंचेगी और न्यायधानी को देश के प्रमुख महानगरों से बेहतर सीधी हवाई कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

अभिषेक कुमार पाण्डेय
रिपोर्टर, बिलासपुर, छत्तीसगढ़

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