पंप रोड स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर ‘होली है’ के उद्घोष से गूंजा, अबीर-गुलाल के रंगों में सराबोर हुआ वातावरण
चक्रधरपुर शहर के पंप रोड स्थित पद्मावती जैन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर (इंग्लिश मीडियम) में होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन हर्षोल्लास और पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर अबीर-गुलाल और उमंग के रंगों से सराबोर नजर आया।

प्रधान आचार्य आनंद चंद्र प्रधान ने होली के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर डाला प्रकाश
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधान आचार्य आनंद चंद्र प्रधान द्वारा सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों को होली की अग्रिम शुभकामनाएँ देकर किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि होली बसंत ऋतु का संदेशवाहक होने के साथ-साथ बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
उन्होंने भक्त प्रह्लाद की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि असुर कुल में जन्म लेने के बावजूद प्रह्लाद ने अपनी अटूट भक्ति और आस्था के बल पर ईश्वर के संदेश को जन-जन तक पहुँचाया। यह पर्व हमें सत्य, श्रद्धा और सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

तिलक, गुलाल और जयघोष से गूंजा विद्यालय परिसर
उत्सव के दौरान विद्यालय के आचार्य बंधु-भगिनी तथा भैया-बहनों ने एक-दूसरे को तिलक लगाकर और गुलाल उड़ाकर होली की शुभकामनाएँ दीं। पूरा विद्यालय परिसर “होली है” के उल्लासपूर्ण जयघोष से गूंज उठा, जिससे वातावरण में उत्सव की ऊर्जा स्पष्ट झलक रही थी।
शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उल्लेखनीय उपस्थिति
इस गरिमामय आयोजन में विद्यालय परिवार के जयश्री दास, शांति देवी, मीना कुमारी, सौभिक घटक, स्वास्तिक सोय, भारती कुमारी, चांदनी जोंको, जयंती तांती सहित बड़ी संख्या में भाई-बहनों की उपस्थिति रही।
