बस्तर से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश ने मचाई तबाही, गंगरेल समेत कई बांधों के गेट खोले गए
बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात अर्नब के प्रभाव से Chhattisgarh mein bhari barish के कारण बीते तीन दिनों से राज्यभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। बस्तर संभाग सहित कई जिलों में नदी-नाले उफान पर हैं, दर्जनों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालयों से कट गया है और प्रमुख मार्गों पर आवागमन ठप पड़ गया है। स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार, 26 सितंबर को प्रदेश के सभी स्कूलों में अवकाश की घोषणा की है।
गंगरेल समेत कई बांधों से छोड़ा गया भारी मात्रा में पानी
धमतरी जिले के गंगरेल बांध में जलस्तर 98 प्रतिशत से अधिक पहुंचने के बाद बांध के सभी 14 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे ढाई लाख क्यूसेक से अधिक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। इसके साथ ही मुरुमसिल्ली बांध पूरी तरह भर चुका है, जबकि दुधावा और सोंढुर बांधों में जलभराव 90 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। कोरबा जिले का बांगों डैम से भी पानी छोड़ा गया है। वहीं ओडिशा स्थित खाटीगुडा और कालाहांडी क्षेत्र के बांधों से पानी छोड़े जाने के बाद इंद्रावती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिससे बस्तर संभाग के तटीय गांवों पर खतरा मंडरा रहा है। Chhattisgarh mein bhari barish का यह दौर आने वाले दिनों में और गंभीर हो सकता है।
बस्तर संभाग में सैकड़ों गांवों का संपर्क टूटा
बीजापुर, सुकमा और जगदलपुर सहित पूरे बस्तर संभाग में लगातार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। शबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से झापरा पुल पर यातायात पूरी तरह रोक दिया गया है, जिससे 12 से अधिक पंचायतों का सीधा संपर्क टूट गया है। जगदलपुर को बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा से जोड़ने वाले मार्गों पर भी आवागमन बाधित है, जबकि डिमरापाल के पास नेशनल हाईवे पर पानी भर जाने से एसडीआरएफ की टीम तैनात करनी पड़ी। कांकेर जिले में दूध नदी के उफान से आमाबेड़ा क्षेत्र के 70 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
दुर्ग-बालोद में जलभराव, स्कूलों में अवकाश
दुर्ग शहर में सुपेला और दक्षिण गंगोत्री अंडरब्रिज पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं, जिससे भिलाई स्टील प्लांट के कर्मचारियों सहित हजारों यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बालोद जिला प्रशासन ने 25 सितंबर को सभी सरकारी, गैर-सरकारी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों में अवकाश घोषित किया, वहीं उस दिन प्रस्तावित परीक्षाएं अब 28 सितंबर को होंगी। सुकमा जिला कलेक्टर ने भी सभी स्कूलों में छुट्टी का ऐलान किया है।
महासमुंद के 18 गांवों में मुनादी, रेस्क्यू टीमें तैयार
महासमुंद जिले में महानदी का जलस्तर बढ़ने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने नदी किनारे बसे 18 गांवों में सरपंचों के माध्यम से मुनादी कराकर सतर्क रहने की सूचना दी है। जिला प्रशासन ने रेस्क्यू टीमों को स्टैंडबाय पर रखा है और महानदी से लगे गांवों में सुरक्षित स्थानों का चयन कर लिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
प्रदेशभर में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, बेमेतरा, दुर्ग, रायपुर, राजनांदगांव, बालोद, कांकेर और धमतरी जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, सरगुजा, कोरबा, रायगढ़, बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा सहित कई अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग की चेतावनी से साफ है कि Chhattisgarh mein bhari barish का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है।
मुख्यमंत्री की अपील, कंट्रोल रूम सक्रिय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारी बारिश के चलते जलभराव और आवागमन में कठिनाई की आशंका को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में अवकाश का निर्णय लिया गया है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को घर पर रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। सभी जिला कलेक्टरों को आदेश के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं। आपात स्थिति के लिए धमतरी जिला कंट्रोल रूम का नंबर 07722-232249 जारी किया गया है, जहां नागरिक किसी भी आपात स्थिति की सूचना दे सकते हैं। प्रशासन ने नदी-नालों के पास न जाने और बैरिकेड्स पार न करने की सख्त चेतावनी दी है।
