ग्राम रामभांठा में घरेलू विवाद ने लिया भयावह रूप, पिता की हत्या से क्षेत्र में सनसनी
जिला सक्ती के थाना डभरा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रामभांठा में एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां घरेलू विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। जानकारी के अनुसार एक पुत्र ने अपने ही पिता पर जानलेवा हमला कर उनकी हत्या कर दी, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
बिजली कनेक्शन विवाद में हुआ खूनी संघर्ष, लोहे के पाइप से किया गया हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार आरोपी सुमित कुमार महिलांगे (उम्र 35 वर्ष) का अपने पिता मनबोध महिलांगे से बिजली कनेक्शन को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपी ने लोहे के पाइप से अपने पिता पर गंभीर हमला कर दिया, जिससे उनके सिर, चेहरे और आंख पर गंभीर चोटें आईं और उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
सूचना मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई, आरोपी को हिरासत में लेकर किया गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही थाना डभरा पुलिस सक्रिय हो गई और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में तत्काल टीम गठित कर मौके पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की पतासाजी कर उसे हिरासत में ले लिया और बाद में गिरफ्तार कर लिया।
घटना में प्रयुक्त लोहे का पाइप जब्त, FSL टीम ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त लोहे का पाइप आरोपी के कब्जे से विधिवत जप्त किया गया। साथ ही FSL टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण, मर्ग पंचनामा एवं आवश्यक साक्ष्य संकलन की कार्रवाई भी पूरी की गई।
थाना डभरा में मामला दर्ज, आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया जेल
थाना डभरा में अपराध क्रमांक 97/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया। सभी वैधानिक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई त्वरित कार्रवाई, टीम की सराहनीय भूमिका
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक श्री प्रफुल्ल ठाकुर (भा.पु.से.) एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल (रा.पु.से.) के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। मौके पर पहुंचकर अधिकारियों ने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप यह त्वरित कार्रवाई संभव हो सकी।
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक कमल किशोर महतो सहित सउनि हरनारायण ताम्रकर, संतोष पाण्डेय, प्रधान आरक्षक शिव शर्मा, आरक्षक जोगेश राठौर, लक्ष्मीकांत उरांव, कुजबिहारी चंद्रा एवं राजेश धिरहे का विशेष योगदान रहा।
