‘नाती अस्पताल में जिंदगी-मौत से जूझ रहा है’—झूठी हमदर्दी दिखाकर बुजुर्ग महिला से साढ़े 3 तोले सोने के जेवर की ठगी

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परिवार के सदस्य की गंभीर बीमारी का झांसा देकर भावनात्मक रूप से बनाया शिकार, जेवर लेकर फरार हुए अज्ञात ठग; पुलिस ने शुरू की जांच

नाती की बीमारी का झांसा देकर बुजुर्ग महिला को बनाया निशाना

बिलासपुर। बुजुर्गों को परिवार और रिश्तों की चिंता का हवाला देकर ठगी का शिकार बनाने का एक मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार अज्ञात ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को उसके नाती की तबीयत बेहद खराब होने और अस्पताल में भर्ती होने की बात कहकर झांसे में लिया। आरोप है कि इलाज के लिए तत्काल पैसों की जरूरत बताकर महिला के पास मौजूद करीब साढ़े 3 तोले सोने के जेवर उतरवा लिए गए और आरोपी मौके से फरार हो गए।

परिवार से करीबी होने का किया दावा

बताया गया है कि आरोपियों ने बुजुर्ग महिला से परिवार और नाती के करीबी परिचित होने का दावा किया। इसके बाद उन्होंने नाती की तबीयत गंभीर होने और अस्पताल में इलाज चलने की बात कही। अचानक मिली इस कथित सूचना से महिला घबरा गई और ठगों की बातों पर भरोसा कर बैठी।

इलाज के नाम पर उतरवाए सोने के जेवर

आरोप है कि ठगों ने इलाज के खर्च का हवाला देते हुए बुजुर्ग महिला से उनके पास मौजूद सोने के जेवर ले लिए। महिला के पास करीब साढ़े 3 तोले सोने के जेवर बताए गए हैं। जेवर मिलने के बाद आरोपी कथित तौर पर कागजी पोटली या जल्द वापस लौटने का झांसा देकर वहां से निकल गए।

परिजनों से संपर्क के बाद सामने आया पूरा सच

बाद में बुजुर्ग महिला ने अपने परिवार और परिजनों से संपर्क किया। इस दौरान पता चला कि जिस नाती की गंभीर हालत और अस्पताल में भर्ती होने की बात कही गई थी, वह सुरक्षित और स्वस्थ है। इसके बाद महिला को अपने साथ हुई ठगी का पता चला। घटना के बाद वह सदमे में बताई जा रही है।

पुलिस ने शुरू की अज्ञात आरोपियों की तलाश

मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगालने के साथ संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी है। घटना में शामिल लोगों तक पहुंचने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

बुजुर्गों से पुलिस की सतर्क रहने की अपील

पुलिस ने लोगों, विशेषकर बुजुर्गों को ऐसे मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी है। किसी अजनबी द्वारा परिवार के किसी सदस्य के दुर्घटना या गंभीर बीमारी में होने की जानकारी देने पर तत्काल विश्वास करने के बजाय पहले संबंधित परिजन से सीधे फोन पर संपर्क कर स्थिति की पुष्टि करनी चाहिए। संकट का हवाला देकर कोई व्यक्ति जेवर या नकदी मांगे तो उसे बिना सत्यापन के नहीं सौंपना चाहिए।

अभिषेक कुमार पाण्डेय, रिपोर्टर, बिलासपुर (छत्तीसगढ़)

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