पाठ्यपुस्तक, गणवेश वितरण के साथ प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान, सामाजिक न्यौता भोज भी हुआ आयोजित
रायगढ़। शासकीय रविशंकर प्राथमिक शाला, पूर्व माध्यमिक शाला एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चांदमारी रायगढ़ में संयुक्त रूप से शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन शासन के निर्देशानुसार प्रभारी प्राचार्य भरत लाल नामदेव के मार्गदर्शन में किया गया।

मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ की गई। इसके बाद अतिथियों का शालेय परिवार द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया।

नवप्रवेशी बच्चों का तिलक और पुष्पवर्षा से स्वागत
नवप्रवेशी विद्यार्थियों का मंचासीन अतिथियों एवं शिक्षकों द्वारा रोली-तिलक लगाकर, पुष्पवर्षा करते हुए स्वागत किया गया। बच्चों को पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश भी प्रदान किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर उत्साह और उल्लास से गूंज उठा।

प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान
कार्यक्रम में 5वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों जयकुमारी नाग एवं रूद्र कसेरा को सम्मानित किया गया। उन्हें उपहार प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित किया गया। इस दौरान उपस्थित जनों ने करतल ध्वनि से उनका उत्साहवर्धन किया।

अतिथियों ने शिक्षा और अनुशासन पर दिया संदेश
मंचासीन अतिथियों ने अपने उद्बोधन में शिक्षा की महत्ता, नियमित उपस्थिति, स्वच्छता, अनुशासन एवं सामुदायिक सहभागिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पालक और शिक्षक मिलकर ही बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित कर सकते हैं।

नवपदस्थ व्याख्याता का स्वागत और योजनाओं की जानकारी
इस अवसर पर नवपदस्थ व्याख्याता (रसायनशास्त्र) सुमन सिंह का भी पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। अतिथियों ने शासन की विभिन्न शिक्षा योजनाओं की जानकारी दी और बच्चों के नामांकन व ठहराव पर जोर दिया।

सामाजिक न्यौता भोज के साथ हुआ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में बच्चों एवं उपस्थित जनों को सामाजिक न्यौता भोज कराया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मनीषा त्रिपाठी ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन इरयल टोप्पो द्वारा किया गया। छायांकन का कार्य शिक्षक मुकेश मेहेर, अंजलिका लाल एवं राकेश कुमार यादव द्वारा किया गया।

यह आयोजन शिक्षा के साथ संस्कार, सम्मान और सामुदायिक सहभागिता का सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।





