गोवा में युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने की पहल, हिंदू संगठनों ने डांडिया कार्यक्रमों में पहचान पत्रों की जांच और गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की
पणजी, गोवा। नवरात्रि उत्सव के मद्देनजर गोवा में हिंदू युवतियों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए ‘आई एम दुर्गा’ अभियान शुरू किया गया है। हिंदू जनजागृति समिति की ओर से संचालित इस अभियान के तहत युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देने के साथ धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों की जानकारी भी दी जाएगी। वहीं, हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति और अन्य हिंदू संगठनों ने डांडिया आयोजनों में प्रवेश के लिए सख्त नियम बनाने की मांग उठाई है। इन मांगों को लेकर 9 अक्टूबर को पणजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
युवतियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण, 15 वर्ष से अधिक उम्र की लड़कियां ले सकेंगी भाग
हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे के अनुसार, ‘आई एम दुर्गा’ अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर युवतियों के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में लाठी और ननचक के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों से संबंधित जानकारी भी साझा की जाएगी।
गोवा में प्रशिक्षण के लिए मर्डोल, पोंडा के निकट श्री महालसा नारायणी मंदिर परिसर स्थित चंपी वेंकटेश भट हॉल और श्री महालसा अपार्टमेंट गेस्ट हाउस में प्रतिदिन शाम 6 से 7:30 बजे तक सत्र आयोजित करने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा उसगांव के तिराले स्थित श्री गुरुदेव देवस्थान समिति मंडप में शाम 7 से 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस प्रशिक्षण में 15 वर्ष से अधिक आयु की युवतियां भाग ले सकती हैं। आयोजकों के अनुसार, प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से इसमें शामिल हो सकती हैं।
डांडिया कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए सख्त नियम बनाने की मांग
नवरात्रि के दौरान आयोजित होने वाले डांडिया कार्यक्रमों को लेकर हिंदू राष्ट्र समन्वय समिति ने आयोजकों से प्रवेश संबंधी नियम कड़े करने की अपील की है। समिति की मांग है कि डांडिया आयोजनों में शामिल होने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच की जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल वक्ताओं ने यह भी मांग रखी कि मूर्ति पूजा में विश्वास नहीं करने वाले, तिलक नहीं लगाने वाले और ‘वंदे मातरम’ का पाठ नहीं करने वाले लोगों को डांडिया कार्यक्रमों में प्रवेश न दिया जाए। उन्होंने आयोजकों से इस संबंध में स्पष्ट नियम बनाने और कार्यक्रमों में आने वाले लोगों की पहचान सुनिश्चित करने की अपील की।
इन मांगों को हिंदू संगठनों ने कथित ‘लव जिहाद’ की घटनाओं को रोकने और युवतियों की सुरक्षा से जोड़कर प्रस्तुत किया। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए गए आरोपों और उनके आधार पर की गई मांगों को स्वतंत्र रूप से प्रमाणित तथ्यों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
नाबालिग लड़कियों से जुड़े मामलों का दिया हवाला
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिंदू जनजागृति समिति के सत्यविजय नाइक ने गोवा में नाबालिग लड़कियों से जुड़े कुछ कथित मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि अगसैम पुलिस ने उत्तरी गोवा से अपहृत बिहार की 15 वर्षीय लड़की को सुरक्षित बरामद किया और इस मामले में मोहम्मद अरबाज नामक संदिग्ध को गिरफ्तार किया।
उन्होंने वेरना पुलिस थाने में दर्ज एक अन्य शिकायत का भी हवाला दिया। उनके अनुसार, शिकायत में एक 21 वर्षीय मुस्लिम युवक पर 16 वर्षीय हिंदू लड़की को बार-बार गर्भवती करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए गए हैं।
सत्यविजय नाइक ने इन घटनाओं का उल्लेख करते हुए दावा किया कि गोवा में लड़कियों के अपहरण और कथित ‘लव जिहाद’ से जुड़े मामले चिंता का विषय हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित पुलिस रिकॉर्ड या स्वतंत्र स्रोतों से इस खबर में नहीं की गई है। किसी भी मामले में आरोपों की सत्यता का निर्धारण जांच और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है।
धर्मांतरण विरोधी कानून की भी उठी मांग
प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोमंतक मंदिर महासंघ के जयेश थाली ने कथित ‘लव जिहाद’ की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से गोवा में धर्मांतरण विरोधी कानून बनाए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
वहीं, सुजान नाइक और विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति विंग की प्रमुख सुजाता कामत ने डांडिया कार्यक्रमों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग का समर्थन किया।
स्वराज्य गोमंतक संगठन के सिद्धार्थ मांद्रेकर ने धर्मांतरण विरोधी कानून के प्रस्ताव का विरोध करने वालों पर सवाल उठाते हुए पूछा कि गोवा में पिछले सप्ताह सामने आई कथित घटना को लेकर वे चुप क्यों हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्वराज्य गोमंतक संगठन, हिंदू युवा शक्ति, गोमंतक मंदिर महासंघ, हिंदू जनजागृति समिति और विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति विंग से जुड़े प्रतिनिधि शामिल हुए। उपस्थित सदस्यों ने नवरात्रि के दौरान युवतियों की सुरक्षा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, धार्मिक पहचान और डांडिया आयोजनों में प्रवेश संबंधी नियमों पर अपने विचार रखे।
नवरात्रि के दौरान आत्मरक्षा प्रशिक्षण की पहल के साथ डांडिया आयोजनों में प्रवेश को लेकर उठी इन मांगों ने गोवा में धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को चर्चा में ला दिया है।
