घरघोड़ा : 98 किसानों को मिली 1.11 करोड़ से अधिक की क्षतिपूर्ति, ऑनलाइन भुगतान से बड़ी राहत

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घरघोड़ा। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड की विद्यमान 132/33 के.व्ही. उपकेंद्र घरघोड़ा से एसईसीएल बरौद तक प्रस्तावित 132 के.व्ही. विद्युत लाइन निर्माण से प्रभावित किसानों को लंबे इंतजार के बाद क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान कर दिया गया है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) प्रवीण तिवारी के मार्गदर्शन में 9 गांवों के 98 किसानों के बैंक खातों में कुल 1,11,95,658 रुपये की राशि ऑनलाइन अंतरित की गई।

9 गांवों के 98 किसानों को मिला भुगतान

क्षतिपूर्ति राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर की गई। इससे किसानों को भुगतान प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिली।

भुगतान के अनुसार भेण्डरा के 13 किसानों को 8,87,248 रुपये, बैहामुड़ा के 15 किसानों को 29,08,650 रुपये, बड़ेगुमड़ा के 10 किसानों को 14,23,012 रुपये, बहिरकेला के 5 किसानों को 7,70,168 रुपये, कंचनपुर के 3 किसानों को 6,89,563 रुपये, टेरम के 33 किसानों को 27,37,656 रुपये, रूमकेरा के 2 किसानों को 1,04,064 रुपये, पतरापाली के किसानों को 7,25,628 रुपये तथा फगुरम के 11 किसानों को 9,49,669 रुपये की राशि उनके खातों में अंतरित की गई।

लंबे इंतजार के बाद खातों में पहुंची राशि

विद्युत लाइन निर्माण से संबंधित क्षतिपूर्ति राशि का किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। राशि सीधे बैंक खातों में पहुंचने के बाद किसानों में राहत का माहौल है। ऑनलाइन भुगतान होने से किसानों को राशि प्राप्त करने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं पड़ी।

प्रवीण तिवारी की पहल से प्रक्रिया हुई आसान

पूरी प्रक्रिया में एसडीएम प्रवीण तिवारी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। राजस्व संबंधी प्रकरणों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाते हुए किसानों को समय पर क्षतिपूर्ति उपलब्ध कराने और भुगतान को सीधे बैंक खातों में पहुंचाने पर जोर दिया गया।

ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था से प्रक्रिया में पारदर्शिता के साथ किसानों के समय और श्रम की भी बचत हुई। ग्रामीण क्षेत्र के किसानों के लिए यह व्यवस्था विशेष रूप से सुविधाजनक रही।

किसानों को मिली बड़ी राहत

लंबे समय से लंबित क्षतिपूर्ति राशि एकमुश्त खातों में पहुंचने से किसानों ने राहत की सांस ली है। प्रशासन की इस पहल से किसानों को आर्थिक राहत मिलने के साथ ही राजस्व प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ा है।

रिपोर्ट : पूजा जायसवाल

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