रायगढ़। कोतरारोड़ थाना क्षेत्र की 33 वर्षीय महिला द्वारा दर्ज कराई गई दुष्कर्म, जबरन वसूली और धमकी की गंभीर शिकायत पर रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। मामला अभियान संवेदना के तहत सामने आया, जिसमें सोशल मीडिया के जरिए हुई पहचान के बाद वर्षों तक शोषण और ब्लैकमेलिंग का खुलासा हुआ है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के निर्देशन में महिला थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के ग्राम बंजारी से दबिश देकर हिरासत में लिया।
फेसबुक से फिर जुड़ी पहचान, फिर शुरू हुआ शोषण का सिलसिला
पीड़िता के अनुसार, आरोपी अनिल ईजारदार से उसकी पहचान स्कूल समय से थी। वर्ष 2013 में शादी के बाद संपर्क टूट गया था, लेकिन 2019 में फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट के जरिए दोनों फिर संपर्क में आए।
पीड़िता ने बताया कि 25 दिसंबर 2020 को चंद्रपुर बस स्टैंड पर आरोपी ने उसे कार से लिफ्ट देने के बहाने अपने साथ ले जाकर खेत के पास उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका वीडियो भी बना लिया।
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 35 लाख की वसूली का आरोप
शिकायत में आरोप है कि आरोपी ने अश्लील वीडियो और फोटो वायरल करने की धमकी देकर लगातार ब्लैकमेल किया। पति और परिवार को जानकारी देने की धमकी देकर पीड़िता से लंबे समय तक शारीरिक शोषण और आर्थिक वसूली करता रहा।
इस दौरान पीड़िता से करीब 35 लाख रुपये नकद और जेवरात की अवैध वसूली की गई। लगातार धमकी और दबाव के कारण पीड़िता मानसिक तनाव में आ गई और आत्महत्या तक का विचार करने लगी।
पुलिस ने दबिश देकर आरोपी को किया गिरफ्तार
महिला थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल ईजारदार (उम्र 32 वर्ष) को उसके गांव बंजारी से गिरफ्तार किया। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट कार (CG 13 Y 8772) और मोबाइल फोन भी जब्त किया है।
मामला दर्ज, न्यायिक रिमांड पर आरोपी
मामले में अपराध क्रमांक 58/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 64(2)(m), 351(3) और 308(2) में केस दर्ज कर आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस का सख्त संदेश
पुलिस ने कहा है कि सोशल मीडिया के माध्यम से बनी किसी भी पहचान का दुरुपयोग कर ब्लैकमेल, धमकी या शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी ने अपील की है कि ऐसी किसी भी स्थिति में पीड़ित महिलाएं तुरंत पुलिस से संपर्क करें और डरने की बजाय शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर न्याय सुनिश्चित किया जा सके।




