स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग पर जिले के 128 से अधिक स्थानों पर जागरूकता शिविर, फर्जी नौकरी और पैसे डबल करने वाले लिंक से सावधान रहने की अपील
स्मार्टफोन प्राइवेसी पर केंद्रित रहा अभियान
सारंगढ़-बिलाईगढ़। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल के बीच आम नागरिकों और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देशन में “साइबर जागृति अभियान” लगातार जारी है। अभियान के चौथे चरण में 6 सितंबर से 12 सितंबर 2026 तक “स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउज़िंग” थीम पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

128 से अधिक स्थानों पर पहुंचे पुलिसकर्मी
8 सितंबर को जिले के सभी थानों और चौकियों के अंतर्गत आने वाले गांवों, शहरों के सार्वजनिक स्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में 128 से अधिक स्थानों पर जागरूकता शिविर लगाए गए। इन कार्यक्रमों में करीब 17,789 नागरिकों ने हिस्सा लिया और पुलिस टीमों ने उन्हें साइबर सुरक्षा से जुड़े जरूरी उपायों की जानकारी दी।
फर्जी अकाउंट और लुभावने लिंक से रहें सावधान
कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को स्मार्टफोन की प्राइवेसी सेटिंग मजबूत रखने की जानकारी दी गई। पुलिस ने फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पैसे मांगने वालों से सावधान रहने तथा नौकरी दिलाने और पैसे डबल करने का दावा करने वाले लुभावने लिंक के झांसे में नहीं आने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर मॉर्फ्ड इमेज और वीडियो के जरिए निजी जानकारी के गलत इस्तेमाल को लेकर भी लोगों को सतर्क किया गया। Sarangarh-Bilaigarh mein cyber jagrukta के तहत नागरिकों को ऑनलाइन सुरक्षा के इन पहलुओं की जानकारी दी गई।
सार्वजनिक वाई-फाई इस्तेमाल करते समय बरतें सावधानी
पुलिस ने बस स्टैंड, कैफे और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर मिलने वाले मुफ्त वाई-फाई का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी। विशेष रूप से वित्तीय लेन-देन करने या पासवर्ड दर्ज करने के लिए सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग नहीं करने को कहा गया।
मोबाइल ऐप की परमिशन जरूर जांचें
पुलिस ने बताया कि नया मोबाइल ऐप डाउनलोड करते समय कैमरा, माइक्रोफोन, कॉन्टैक्ट्स और स्टोरेज जैसी परमिशन देने से पहले उन्हें ध्यान से पढ़ना चाहिए। मोबाइल सेटिंग्स में जाकर समय-समय पर यह भी जांचना चाहिए कि किस ऐप को कौन-कौन सी परमिशन दी गई है।
स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड से बचने की अपील
जागरूकता कार्यक्रमों में स्क्रीन शेयरिंग और रिमोट एक्सेस ऐप से होने वाले फ्रॉड को लेकर भी जानकारी दी गई। पुलिस ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर फोन की स्क्रीन शेयर न करें और न ही उसके कहने पर कोई अज्ञात ऐप इंस्टॉल करें। Sarangarh-Bilaigarh mein cyber jagrukta अभियान के दौरान नागरिकों को इस तरह के ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के उपाय भी बताए गए।
OTP और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें
पुलिस ने नागरिकों को अपना OTP, ATM या डेबिट कार्ड नंबर, PIN, CVV, बैंक खाता विवरण, UPI PIN अथवा अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं देने की सलाह दी। साथ ही किसी भी संदिग्ध या अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचने को कहा गया।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तत्काल कार्रवाई करे। घटना की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने और नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। Sarangarh-Bilaigarh mein cyber jagrukta के तहत पुलिस ने बताया कि समय पर शिकायत करने से ठगी गई रकम को होल्ड कराने तथा उसे वापस पाने की उम्मीद बढ़ सकती है।




